रायपुर: पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के कुशल निर्देशन में छत्तीसगढ़ पुलिस ने मानवता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन तलाश” के माध्यम से पुलिस ने प्रदेश के कुल 4056 गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित खोज निकाला है। इस सफलता ने न केवल हजारों परिवारों का इंतजार खत्म किया है, बल्कि समाज में पुलिस की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता की एक नई मिसाल पेश की है।
अभियान के तहत बरामदगी के आंकड़े
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस एक माह के सघन अभियान के दौरान विशेष टीमों ने हर संभावित स्थान पर तलाशी ली। इसके परिणामस्वरूप 75 बालक, 470 बालिकाएं, 972 पुरुष और 2539 महिलाओं सहित कुल 4056 लोगों का पता लगाया गया। बरामद किए गए लोगों में 545 बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें विधिवत प्रक्रिया के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।
दीगर राज्यों से भी हुई सुरक्षित वापसी
“ऑपरेशन तलाश” की एक बड़ी कामयाबी यह रही कि छत्तीसगढ़ पुलिस की टीमें केवल राज्य के भीतर ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों तक भी पहुँचीं। पुलिस ने कुल 182 गुमशुदा व्यक्तियों को महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से खोज निकाला और उन्हें वापस घर लाया। इसमें 3 बालक, 63 बालिकाएं, 13 पुरुष और 103 महिलाएं शामिल थीं।
दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर पुलिस का सराहनीय योगदान
इस अभियान को सफल बनाने में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और नोडल अधिकारियों ने प्रभावी भूमिका निभाई। प्रदर्शन के मामले में दुर्ग पुलिस 683 लोगों की पतासाजी कर पहले स्थान पर रही। वहीं, बिलासपुर पुलिस ने 648 और रायपुर पुलिस ने 426 गुमशुदा लोगों को खोजकर इस अभियान में उल्लेखनीय योगदान दिया।
छत्तीसगढ़ पुलिस की इस प्रभावी कार्यवाही ने आम जनता के बीच सुरक्षा और विश्वास के भाव को और मजबूत किया है। पुलिस की यह जवाबदेही दर्शाती है कि वह हर नागरिक की सुरक्षा और गुमशुदा लोगों की सकुशल वापसी के लिए पूरी तरह समर्पित है।

