मध्य प्रदेश
हज-2027 के लिए प्रोविजनली चयनित यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने प्राथमिक मेडिकल स्क्रीनिंग यानी स्टेज-1 स्वास्थ्य जांच पूरी करने की अंतिम तारीख को आगे बढ़ाते हुए अब 30 सितंबर 2026 निर्धारित कर दिया है। इस संबंध में हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा 15 सितंबर 2026 को आधिकारिक परिपत्र क्रमांक 13 जारी किया गया है। आदेश के बाद मध्य प्रदेश राज्य हज कमेटी ने प्रदेश भर के सभी चयनित आवेदकों से तय समय-सीमा के भीतर अपनी अनिवार्य स्वास्थ्य औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की है।
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जिन यात्रियों ने अब तक स्टेज-1 मेडिकल स्क्रीनिंग नहीं कराई है, उन्हें किसी भी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ सरकारी एलोपैथिक मेडिकल ऑफिसर से अपनी जांच करानी होगी। जांच संपन्न होने के बाद डॉक्टरों से निर्धारित प्रोफार्मा में फिटनेस प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यह प्रमाण-पत्र हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा 1 सितंबर 2026 को जारी सर्कुलर क्रमांक 10 के प्रारूप के अनुसार ही मान्य होगा। वहीं विदेश में रह रहे अनिवासी भारतीय (NRI) हज यात्रियों को यह सुविधा दी गई है कि वे अपने वर्तमान निवास वाले देश के अधिकृत स्वास्थ्य केंद्र से यह स्क्रीनिंग करा सकते हैं।
सीधे कटेगा पैसा या सामान होगा महंगा? UPI विवाद के बीच समझिए यूजर चार्ज और एमडीआर का असली अंतर
मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यात्रियों को प्राथमिक चिकित्सा जांच व फिटनेस प्रमाण-पत्र के साथ बैंक पे-इन स्लिप अथवा ऑनलाइन भुगतान की रसीद हज कमेटी के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। जो यात्री ऑनलाइन अपलोड करने में असमर्थ हैं, वे इसकी हार्ड कॉपी राज्य हज कमेटी कार्यालय में भी जमा कर सकते हैं। इसके लिए 1 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया गया है। इसके अलावा सभी यात्रियों को मूल मेडिकल दस्तावेज और जांच रिपोर्ट संभालकर रखने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि आगामी स्टेज-2 मेडिकल स्क्रीनिंग और टीकाकरण के दौरान मेडिकल बोर्ड के समक्ष मूल प्रतियां प्रस्तुत करनी होंगी।
दुकानदार भुगतेगा या ग्राहक? ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर मचे घमासान की असली इनसाइड स्टोरी
हज कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी चयनित यात्री निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के तहत अनफिट पाया जाता है, तो उसकी उम्मीदवारी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी जाएगी और जमा राशि नियमों के तहत वापस होगी। इसके विपरीत, यदि किसी यात्री द्वारा अपनी किसी गंभीर बीमारी की जानकारी छिपाई जाती है या गलत विवरण प्रस्तुत किया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी, जिसमें जमा राशि जब्त करने के साथ मुकदमा दर्ज कराना भी शामिल है। किसी भी प्रकार की सहायता अथवा जानकारी के लिए राज्य हज कमेटी के हेल्पलाइन नंबर 0755-2530139 पर संपर्क किया जा सकता है।























