जशपुर
जशपुर जिले में आवासीय विकास और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अटल विहार योजना के अंतर्गत कुनकुरी के गिनाबहार और जशपुर नगर के बालाछापर में कुल 225 आवासों वाली दो आधुनिक आवासीय कॉलोनियां विकसित की जाएंगी। इन पर लगभग 51.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, जिला मुख्यालय जशपुरनगर में 11.83 करोड़ रुपये की लागत से हाईटेक बस स्टैंड का निर्माण प्रस्तावित है। इस तरह तीनों परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 63.31 करोड़ रुपये है। इन योजनाओं से जिले में किफायती आवास और यात्री सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।
कुनकुरी और जशपुर में बनेंगी दो आधुनिक आवासीय कॉलोनियां
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की अटल विहार योजना के अंतर्गत कुनकुरी विकासखंड के ग्राम गिनाबहार में लगभग 7 एकड़ भूमि पर 97 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 17 करोड़ 15 लाख 71 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। प्रस्तावित आवासों में से 91 आवास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए निर्धारित हैं। पात्र ईडब्ल्यूएस हितग्राहियों को 80 हजार रुपये तथा एलआईजी हितग्राहियों को 40 हजार रुपये का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।

इसी तरह जशपुर नगर के ग्राम बालाछापर में लगभग 7 एकड़ भूमि पर 34 करोड़ 32 लाख 25 हजार रुपये की लागत से 128 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना में उच्च आय वर्ग के 11, मध्यम आय वर्ग के 20, जूनियर मध्यम आय वर्ग के 4, निम्न आय वर्ग के 55 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 38 आवास प्रस्तावित हैं। यहां आवासों के साथ व्यावसायिक दुकानों का भी निर्माण किया जाएगा।
दोनों आवासीय परियोजनाओं में आंतरिक सड़कें, जल निकासी, हरित क्षेत्र और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। बालाछापर की कॉलोनी में सामुदायिक भवन, गार्डन, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, बॉक्स क्रिकेट और बस स्टॉप जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य विभिन्न आय वर्गों के परिवारों को व्यवस्थित और सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराना है।
जशपुरनगर में 11.83 करोड़ से बनेगा हाईटेक बस स्टैंड
जिले में यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए जशपुरनगर के वार्ड क्रमांक 8 स्थित पुराने मवेशी बाजार परिसर में लगभग 3 एकड़ भूमि पर आधुनिक बस टर्मिनल बनाया जाएगा। इसके लिए 11 करोड़ 83 लाख 62 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। फिलहाल परियोजना की टेंडर प्रक्रिया जारी है।

प्रस्तावित बस स्टैंड में एक साथ 35 से 40 बसों के ठहराव की व्यवस्था होगी। यहां आधुनिक प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, लिफ्ट, आधुनिक शौचालय और बसों के आगमन तथा प्रस्थान की जानकारी देने वाली डिजिटल सूचना स्क्रीन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परिसर में लगभग 40 दुकानों के निर्माण का भी प्रस्ताव है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुरनगर बस स्टैंड से प्रतिदिन 100 से अधिक बसों का आवागमन होता है और पांच हजार से अधिक यात्री यहां से सफर करते हैं। नए बस टर्मिनल से बसों के संचालन को व्यवस्थित करने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और शहर की परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कुनकुरी और पत्थलगांव में भी आधुनिक बस स्टैंड की योजना
जशपुरनगर के साथ कुनकुरी और पत्थलगांव में भी आधुनिक बस स्टैंड निर्माण की स्वीकृति दी गई है। वहीं, बंदरचुआ और दुलदुला में एक-एक करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड का निर्माण कार्य जारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा।
महुआटोली, कडोरा और मदनपुर में भी आवासीय योजनाओं की तैयारी
जशपुर जिले में आवासीय सुविधाओं के विस्तार के लिए महुआटोली, कडोरा और पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम मदनपुर में भी योजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार, मदनपुर की आवासीय योजना के लिए बुकिंग प्रक्रिया 6 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है। प्रथम चक्र की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देशों के अनुरूप इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने भी गुणवत्तापूर्ण और किफायती आवासीय सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है।
जशपुर में प्रस्तावित आवासीय कॉलोनियों और हाईटेक बस स्टैंड के निर्माण से आवास, यातायात और स्थानीय व्यापार से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। हालांकि, आवासीय परियोजनाओं और बस टर्मिनल का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने तथा सुविधाएं शुरू होने के बाद ही मिल सकेगा।


