मनोरा
प्राथमिक शाला जरिया में डूमरटोली, मुटू एवं सोगड़ा संकुल के शिक्षकों के लिए संकुल स्तरीय गणित डेमो कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी तरुण पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला का मुख्य विषय गणितीय संक्रिया ‘घटाव’ रहा। कार्यशाला में तीनों संकुल के गणित शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला में प्राथमिक शाला के बच्चों से गणितीय संक्रियाएं रजनी बिंझवार के द्वारा करायी गई।कार्यशाला की शुरुआत बच्चों के स्तरानुकूल एक रोचक बालगीत के माध्यम से घटाव की अवधारणा प्रस्तुत कर की गई। मैडम ने बताया कि गणित को रटने की बजाय ठोस वस्तुओं से जोड़कर कैसे सिखाया जाए। इसके लिए चित्र एवं प्रतीकों का उपयोग करते हुए तीली-बंडल, कंकड़ और डाइन्स ब्लॉक के माध्यम से एक, दो और तीन अंकों के साधारण एवं पुनः समूहीकरण वाले घटाव का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
साथ ही टीएलएम के जरिए दैनिक जीवन के उदाहरणों और मौखिक इबारती सवालों से गणित को जोड़ने पर बल दिया गया। शिक्षकों को जोड़ की सहायता से घटाव के उत्तरों की पुनः जांच करने का सरल तरीका भी बताया गया आज के कार्यक्रम में शिक्षक के द्वारा शिक्षकों के समक्ष बच्चों से व्यवस्थित गणित संक्रियाएं कराई जिसे बच्चे तेजी से सीखते हुए दिखे बच्चों को गणित की संक्रियाएं करते देखना शिक्षकों के लिए सुखद अनुभूति था आगामी सप्ताह में जोड़ गुणा भाग में भी बच्चों को निपुण बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।सत्रांत में गणित शिक्षकों ने अपनेअनुभव साझा करते हुए कहा कि ठोस वस्तुओं के जरिए हासिल वाले घटाव, जैसे 1 दहाई को 10 इकाइयों में बदलना, को समझाना बच्चों के लिए बेहद सरल हो जाएगा। सभी शिक्षकों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसे अपनी कक्षाओं में लागू करने की बात कही।
इस अवसर पर प्रवीण प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला डुमरटोली बेर्नार्ड लकड़ा, दोरोथिया तिग्गा, अनास्तेसिया एक्का, नरेंद्र भगत, समीर सनाई, जेम्माग्रेस एक्का, प्रताप सिंह मरावी, अनिल खलखो, टेंगु राम भगत, विजय कुमार, सरिता बाई, नैनतारा प्रेमी एवं अजय कुमार भगत उपस्थित रहे।
सम्पूर्ण कार्यक्रम संकुल समन्वयक सत्यदीप प्रसाद तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के नीलाभ्र घोष के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।


