नई दिल्ली:
दिवाली से ठीक पहले केंद्रीय कैबिनेट ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद डीए और डीआर की दर 60% से बढ़कर 63% हो गई है। यह नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी, जिसके चलते कर्मचारियों और पेंशनरों को जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का एरियर भी मिलेगा। इस फैसले से केंद्र के करीब 48.54 लाख कर्मचारियों और 68.71 लाख पेंशनरों सहित कुल 1.17 करोड़ परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार महंगाई भत्ते की दर किसी अनुमान के आधार पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और सांख्यिकीय फॉर्मूले से निर्धारित करती है:
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CPI-IW के आंकड़े: केंद्रीय श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) जारी करता है। इसमें खाद्यान्न, वस्त्र, आवास, ईंधन जैसी जरूरी वस्तुओं की खुदरा कीमतों में उतार-चढ़ाव दर्ज होता है।
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12 महीनों का औसत: डीए निर्धारण के लिए पिछले 12 महीनों के CPI-IW आंकड़ों का औसत निकाला जाता है।
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7वें वेतन आयोग का फॉर्मूला: इस 12 माह के औसत को 7वें वेतन आयोग के तय फॉर्मूले में रखकर गणना की जाती है। फॉर्मूले से प्राप्त प्रतिशत में से दशमलव (decimals) वाले हिस्से को छोड़कर पूर्णांक दर स्वीकृत की जाती है।
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साल में दो बार समीक्षा: इसकी समीक्षा वर्ष में दो बार—जनवरी और जुलाई—की जाती है।
खुदरा महंगाई दर और DA में अंतर
अक्सर लोग देश की सामान्य खुदरा महंगाई दर को देखकर डीए की उम्मीद लगाने लगते हैं, जबकि दोनों अलग प्रणालियां हैं:
| श्रेणी | सितंबर/अगस्त 2026 की दर |
| देश की सामान्य खुदरा महंगाई (सितंबर 2026) | 5.54% |
| खाद्य महंगाई (Food Inflation) | 7.74% |
| ग्रामीण महंगाई | 6.08% |
| शहरी महंगाई | 4.88% |
| औद्योगिक श्रमिकों का सूचकांक (CPI-IW, अगस्त 2026) | 154.4 |
देश की खुदरा महंगाई (CPI) पूरे देश की सामान्य उपभोग टोकरी पर आधारित होती है, जबकि सरकारी कर्मियों का डीए विशेष रूप से औद्योगिक श्रमिकों के सूचकांक (CPI-IW) और वेतन आयोग के गणितीय फॉर्मूले से निकलता है। इसलिए खुदरा महंगाई 5.54% होने का मतलब यह नहीं कि डीए भी उसी अनुपात में बढ़े।
DA और DR में क्या अंतर है? समझिए वेतन पर असर
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DA (महंगाई भत्ता): यह सेवारत (नौकरी कर रहे) केंद्रीय कर्मचारियों को मूल वेतन (बेसिक पे) के आधार पर मासिक वेतन के साथ दिया जाता है।
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DR (महंगाई राहत): यह सेवानिवृत्त पेंशनरों को उनकी मूल पेंशन (बेसिक पेंशन) के आधार पर मासिक पेंशन के साथ प्रदान किया जाता है।
| मूल वेतन / मूल पेंशन | 60% पर पूर्व राशि | 63% पर नई राशि | मासिक सीधा फायदा (3%) |
| ₹18,000 (न्यूनतम बेसिक) | ₹10,800 | ₹11,340 | ₹540 |
| ₹30,000 | ₹18,000 | ₹18,900 | ₹900 |
| ₹50,000 | ₹30,000 | ₹31,500 | ₹1,500 |
क्या राज्य कर्मचारियों पर भी स्वतः लागू होगा फैसला?
यह आदेश केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों, रक्षा बलों और केंद्रीय पेंशनर्स के लिए है। राज्य सरकारों के कर्मियों पर यह स्वतः लागू नहीं होता है। राज्य सरकारें अपने वित्तीय संसाधनों और कैबिनेट के अनुमोदन के बाद अलग से डीए बढ़ोतरी का आदेश जारी करती हैं। हालांकि, केंद्रीय घोषणा के बाद अब उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी इसी तर्ज पर डीए बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।


