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रायपुर: शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान राज्य सरकार ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर एक ऐतिहासिक अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। इसे राष्ट्र प्रथम, जनसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के सिद्धांतों पर आधारित एक असाधारण कर्मयात्रा का पड़ाव बताया गया।
प्रेस वार्ता में दी गई प्रमुख जानकारियों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के नेतृत्व और राष्ट्रहित के निर्णय: मंत्रिपरिषद ने जैम (JAM) ट्रिनिटी, जीएसटी, अनुच्छेद 370 की समाप्ति, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और नक्सलवाद से मुक्ति जैसे राष्ट्रहित के ऐतिहासिक कदमों की सराहना की। वर्ष 2000 में नव-गठित छत्तीसगढ़ ने गुजरात के सुशासन, टेक्नोलॉजी के उपयोग और ‘चिंतन शिविर’ जैसी परंपराओं से सीखकर विकास की गति को तेज किया। राज्य में पीएम गतिशक्ति के तहत लगभग 14,000 गांवों को जियो-रेफरेंस्ड किया जा चुका है।
- निवेश और प्रशासनिक सुधार: ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस (2026) के तहत औद्योगिक अनुमतियों को सरल बनाते हुए तय समय-सीमा में निर्णय न होने पर स्वतः स्वीकृति (डिम्ट अप्रूवल) का प्रावधान किया गया है। अब तक राज्य को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.60 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम से प्रक्रियाएं बेहद आसान हो गई हैं।
- गरीब कल्याण और बुनियादी सुविधाएं: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 22.90 लाख पक्के आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। पिछले पौने तीन वर्षों में 11.78 लाख आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 2.49 करोड़ कार्ड बनाए गए हैं, और 51 लाख से अधिक लोगों को लगभग 11,877 करोड़ रुपये का निःशुल्क उपचार मिला है। साथ ही, 36 लाख से अधिक घरेलू और सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं।
- किसानों और महिलाओं का सशक्तिकरण: पीएम किसान सम्मान निधि का सीधा लाभ राज्य के 26.57 लाख किसानों को मिल रहा है। धान उपार्जन बढ़कर 141 लाख मीट्रिक टन के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुका है। महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को 1,000 रुपये प्रतिमाह की सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा, 14 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
- बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय: सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और समन्वित प्रयासों से 31 मार्च 2026 को बस्तर को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली है। ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से दुर्गम गांवों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और राशन की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है, जिससे क्षेत्र में विकास के नए रास्ते खुले हैं।
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मंत्रिपरिषद के अन्य प्रमुख निर्णय
कैबिनेट की बैठक में राज्य हित में दो महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए:
- पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक भर्ती: राज्य की सेवाओं में पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव का लाभ उठाने के लिए गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति दी गई है। इसके लिए पहले ही 10% श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान किया जा चुका है।
- विभाग का नाम परिवर्तन: छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ कर दिया गया है।
यह रिपोर्ट छत्तीसगढ़ सरकार के आधिकारिक प्रेस वक्तव्य और विकास दृष्टिपथ ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के संकल्प पर आधारित है।























