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नई दिल्ली। देश के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की तस्वीर तेज़ी से बदल रही है। कभी 11वीं कक्षा में केवल शिक्षिका (Teacher) बनने के पारंपरिक उद्देश्य से अन्य विषयों का चुनाव करने वाली बेटियों का रुझान अब पूरी तरह बदल चुका है। सरकारी स्कूलों तक पहुँचीं अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) और मॉडर्न साइंस लैब्स ने ग्रामीण बेटियों के सपनों को नए पंख दे दिए हैं।
अब बेटियाँ सिर्फ शिक्षिका बनने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि साइंस और स्टेम (STEM – विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) विषयों को पहली पसंद बनाकर रिसर्च, कोडिंग और इनोवेशन के क्षेत्र में अपना परचम लहराने की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
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आंकड़ों में बेटियों का बड़ा उछाल (2 साल में 10 लाख नए छात्र)
जून 2026 में जारी शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, विज्ञान विषय चुनने वाले विद्यार्थियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है:
2 साल में बदला ट्रेंड:
वर्ष 2022 में जहाँ स्कूलों में साइंस स्ट्रीम चुनने वाली छात्राओं की संख्या 23.3 लाख थी, वहीं 2024 तक यह आंकड़ा छलांग लगाकर 28.1 लाख के पार पहुँच गया।
10 लाख अतिरिक्त इनरोलमेंट:
12वीं पासआउट छात्रों में पिछले दो वर्षों के दौरान साइंस स्ट्रीम चुनने वालों की संख्या में करीब 10 लाख की बड़ी वृद्धि हुई है।
उच्च शिक्षा में स्टेम (STEM) का दबदबा:
वर्तमान में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे कुल 4.5 करोड़ छात्रों में से 1 करोड़ 1 लाख से अधिक छात्र स्टेम (STEM) विषयों में और 55 लाख से अधिक छात्र अन्य साइंस विषयों में अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं।
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क्यों हो रहा है यह बड़ा बदलाव?
अटल टिंकरिंग लैब्स की पहुँच:
गाँव-गाँव के स्कूलों में स्थापित साइंस व टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से बच्चों को अब किताबी ज्ञान के अलावा प्रैक्टिकल (प्रायोगिक) अनुभव मिल रहा है।
रोजगार और शोध की अपार संभावनाएँ:
अधिकारियों के अनुसार, टेक्नोलॉजी और साइंस सेक्टर में नए अवसरों, स्टार्टअप्स और रिसर्च स्कोप के कारण बेटियों में इस विषय को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
सरकार का बड़ा कदम: राज्यों को सीटें बढ़ाने के निर्देश
छात्राओं के इस अप्रत्याशित रुझान को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को पत्र जारी किया है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि स्कूलों और कॉलेजों में विज्ञान विषय की बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए और साइंस स्ट्रीम की सीटों में बढ़ोतरी की जाए, ताकि कोई भी होनहार छात्रा अवसर से वंचित न रहे।

