पंचायत संचालनालय के निर्देशानुसार आगामी गांधी जयंती (2 अक्टूबर 2026) को जिले की सभी ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक गांव में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभाओं में गणपूर्ति (कोरम) पूरा कराने और ग्रामीणों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित सरपंच, पंच और पंचायत सचिव को सौंपी गई है। पूरी कार्यवाही छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 और पेसा नियम 2022 के वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप संपन्न होगी।
ग्राम सभाओं के व्यवस्थित और पारदर्शी संचालन के लिए जनपद पंचायतों की समस्त ग्राम पंचायतों में नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। इन अधिकारियों को ग्राम सभा में पूरे समय अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने, निर्धारित सभी एजेंडों पर बिंदुवार चर्चा कराने तथा बैठक समाप्ति के बाद ग्राम सभा पंजी में हस्ताक्षर दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। जिस पंचायत में एक से अधिक आश्रित गांव हैं, वहां जनपद स्तर से निर्धारित अगली तिथियों पर होने वाली सभाओं में भी नोडल अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य रहेगी।
33 बिंदुओं का एजेंडा निर्धारित
इस बार ग्राम सभा के लिए 33 महत्वपूर्ण विषयों का एजेंडा तय किया गया है। इसमें आगामी धान खरीदी से पूर्व डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं एग्रीस्टेक पंजीयन की सूची का वाचन, पटवारियों द्वारा गिरदावरी का प्रभावी अनुवीक्षण, जिला खनिज न्यास निधि (DMF) की कार्ययोजना का अनुमोदन तथा ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’ के तहत सामूहिक संकल्प शामिल है। इसके अलावा पंचायतों के आय-व्यय की समीक्षा, समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन टैक्स वसूली, सड़कों पर आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक, पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के परिणामों का वाचन तथा जन्म-मृत्यु व विवाह पंजीयन की स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी।
आवास योजना और विकास योजनाओं पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत अपात्र पाए गए नामों पर निर्णय, अधूरे पड़े आवासों के हितग्राहियों का चिन्हांकन और आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची का ग्राम सभा से विधिवत अनुमोदन लिया जाएगा। साथ ही ‘विकसित भारत-जी राम जी’ कार्ययोजना, 375 अनुमेय कार्यों की सूची और ‘मोर गाँव मोर पानी महाअभियान’ पर विस्तृत रूपरेखा बनेगी।
स्वच्छ भारत दिवस के उपलक्ष्य में स्वच्छता संकल्प, कचरा पृथक्करण का जीवंत प्रदर्शन, उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वच्छताग्राहियों का सम्मान, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण, ओडीएफ प्लस मॉडल गांव की स्वीकृति तथा टीबी मुक्त भारत अभियान जैसे लोक स्वास्थ्य और पर्यावरण के मुद्दों को भी ग्राम सभा के प्रस्ताव में शामिल किया जाएगा।























