छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश और प्रमुख बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण मैदानी जिलों में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। राजधानी रायपुर, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा और गरियाबंद जिलों के निचले इलाकों में नदियां उफान पर हैं, जिससे सैकड़ों गांव और शहरी बस्तियां जलमग्न हो गई हैं। प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और नगर सेना की टीमें दिन-रात राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।
रायपुर के भाटागांव में 3 किमी तक फैला पानी, अस्पताल और पेट्रोल पंप डूबे
राजधानी रायपुर में खारून नदी के बढ़े जलस्तर से भाटागांव क्षेत्र के निचले इलाकों में भारी तबाही मची है। केसरी बगीचा, हरिओम नगर और भर्री खार इलाके में नदी का पानी 2 से 3 किलोमीटर के दायरे में फैल चुका है, जिससे दर्जनों परिवार अपने घरों में कैद हो गए हैं। शरबा भट्टी क्षेत्र चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गया है। इलाके का ‘सुविधा हॉस्पिटल’ और एक पेट्रोल पंप पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। नदी किनारे सैकड़ों एकड़ में लगी सब्जियां डूबने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है, वहीं एक पोल्ट्री फार्म में पानी भरने से 1,000 से अधिक मुर्गियों की मौत हो गई। प्रशासन द्वारा भेजी गई कुछ नावें तकनीकी खराबी के चलते बंद हो गईं, जिसके बाद अतिरिक्त टीमें भेजकर लोगों को निकालने का प्रयास तेज किया गया है।
गंगरेल के 14 गेट खुले, शिवरीनारायण पुल के ऊपर से बह रही महानदीधमतरी स्थित गंगरेल बांध के 14 गेट खोले जाने के बाद जांजगीर-चांपा के शिवरीनारायण में महानदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। पानी शिवरीनारायण मुख्य पुल के ऊपर से तेज बहाव के साथ बह रहा है, जिसके चलते शिवरीनारायण से गिधौरी मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है और बैरिकेड्स लगाकर रूट डायवर्ट किया गया है। मौके पर डीडीआरएफ (DDRF) की टीम तैनात है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे और एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने स्थिति का जायजा लेते हुए लोगों से उफनते पुल पर न जाने और लापरवाही न बरतने की सख्त अपील की है।
बलौदाबाजार में 28 ग्रामीणों और मवेशियों का रेस्क्यू
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सिमगा, गिधपुरी और लवन क्षेत्रों में अचानक पानी भरने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने मोर्चा संभाला। सिमगा के ग्राम गणेशपुर में चारों तरफ पानी से घिरे 11 ग्रामीणों को उनके जरूरी सामान और 9 बकरियों सहित मोटर बोट से सुरक्षित निकाला गया। गिधपुरी के बिजराडीह में जलमग्न हुए 4 परिवारों के 17 सदस्यों (महिलाएं, पुरुष व बच्चे) को सुरक्षित निकाला गया, जबकि लवन के डोंगरीडीह में भी फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट किया गया।
गरियाबंद के राजिम और अमलीपदर में 152 लोगों को बचाया गया
गरियाबंद जिले के राजिम और अमलीपदर क्षेत्रों में बाढ़ से घिरे लोगों को निकालने के लिए नगर सेना की टीम ने करीब दो घंटे तक सघन अभियान चलाया। राजिम के रावण गांव निवासी बुधराम साहू के घर के चारों ओर कमर से ऊपर पानी भर गया था, जिन्हें जवानों ने 1 किलोमीटर पानी में चलकर सुरक्षित बाहर निकाला। रावण गांव के मोहल्ले से करीब 50 लोगों को और अमलीपदर क्षेत्र से 102 लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया। पूरे जिले में कुल 152 लोगों का सफल रेस्क्यू किया गया। प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल 112 पर सूचना देने के निर्देश दिए हैं।























