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जशपुर, 31 अक्टूबर 2026। शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को समय पर उनके अधिकारों का लाभ मिले, इस दिशा में जशपुर शिक्षा विभाग की एक सकारात्मक पहल सामने आई है। विकासखंड जशपुर अंतर्गत प्राथमिक शाला देवीडड़गाँव में कार्यरत श्रीमती ललकी बाई 31 अक्टूबर 2026 को अपनी अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुईं। विशेष बात यह रही कि उन्हें सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन अदायगी आदेश प्रदान किया गया। यह पहल विभागीय तत्परता, आपसी समन्वय और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का सराहनीय उदाहरण है।

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संयुक्त संचालक (जेडी) श्री राजेश सिंह के मार्गदर्शन एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र सिन्हा के निर्देशन में पेंशन प्रकरण से संबंधित आवश्यक कार्यवाही पूरी की गई। इसमें लेखा परीक्षक श्री शांडिल्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी जशपुर श्रीमती कल्पना टोप्पो तथा लेखापाल श्री देवेन्द्र द्विवेदी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी जशपुर श्री टुमनु गोंसाई द्वारा श्रीमती ललकी बाई को उनकी सेवानिवृत्ति तिथि पर ही पेंशन अदायगी आदेश प्रदान किया गया।
सेवानिवृत्ति किसी भी कर्मचारी के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। वर्षों की सेवा के बाद जीवन के नए चरण में प्रवेश करते समय पेंशन संबंधी कार्यवाही समय पर पूरी होना विशेष महत्व रखता है। ऐसे अवसर पर पेंशन अदायगी आदेश मिलना कर्मचारी और उनके परिवार के लिए आश्वस्त करने वाला कदम है। यह उनके सेवाकाल के प्रति विभागीय सम्मान और उत्तरदायित्व को भी दर्शाता है।

आज के समय में शासकीय सेवाओं की सार्थकता इस बात से भी आँकी जाती है कि संबंधित व्यक्ति को आवश्यक सुविधा कितनी सहजता और समयबद्ध तरीके से मिल रही है। इस दृष्टि से विद्यालय शिक्षा विभाग की यह पहल प्रशंसनीय है। सेवानिवृत्ति के दिन ही आदेश उपलब्ध कराया जाना बताता है कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी समन्वय के साथ कार्य करें तो महत्वपूर्ण विभागीय प्रक्रियाओं को समय पर पूरा किया जा सकता है।
इस उपलब्धि का श्रेय जिला जशपुर के शिक्षा विभाग, विकासखंड जशपुर के संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों, लेखा एवं पेंशन प्रकरण से जुड़े जिम्मेदार अमले तथा सहयोगी विभागीय तंत्र के सामूहिक प्रयासों को जाता है। जिला और विकासखंड स्तर के अधिकारियों के साथ समग्र शिक्षा से जुड़े संबंधित सहयोगी अमले की भूमिका भी विभागीय कार्यों को सुचारु बनाने में महत्वपूर्ण रहती है। प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी और समय पर सहयोग ही ऐसी सकारात्मक कार्यसंस्कृति को मजबूत बनाते हैं।
श्रीमती ललकी बाई की सेवानिवृत्ति पर उनके शैक्षिक सेवाकाल के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए स्वस्थ, सुखमय और शांतिपूर्ण जीवन की हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। शिक्षा के क्षेत्र में दी गई उनकी सेवाएँ सम्माननीय हैं। सेवानिवृत्ति के इस अवसर पर समय से पेंशन अदायगी आदेश मिलना उनकी विदाई को और भी सुखद बनाता है।
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जशपुर शिक्षा विभाग की यह पहल समयबद्ध कार्य, कर्मचारी हित और मानवीय संवेदनशीलता के सुंदर समन्वय का उदाहरण है। ऐसी कार्यप्रणाली कर्मचारियों का विश्वास बढ़ाती है और शासकीय सेवा में उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करती है।


