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छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी को लेकर बिलासपुर हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई है। संदीप लकड़ा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया समेत 100 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार ने अदालत को सूचित किया है कि कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
मामले की सुनवाई जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की अदालत में हुई। इस दौरान याचिकाकर्ताओं का पक्ष अधिवक्ता दीपाली पांडेय ने रखा, जबकि शासन की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा, अतिरिक्त महाधिवक्ता गैरी मुखोपाध्याय और शासकीय अधिवक्ता शैलजा शुक्ला उपस्थित रहे। अदालत के पूर्व निर्देश के पालन में कृषि संचालक राहुल देव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए।
सुनवाई के दौरान केवल मौखिक आश्वासन को नाकाफी मानते हुए हाई कोर्ट ने सरकार को कड़ा निर्देश दिया है। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने कहा कि वेतनमान संशोधन से जुड़ा विस्तृत प्रस्ताव केवल मौखिक रूप में नहीं, बल्कि लिखित रूप में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संशोधन का स्वरूप क्या होगा।
फिलहाल हाई कोर्ट ने वेतन बढ़ोतरी पर कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि मुख्य न्यायाधीश के स्तर से लिस्टिंग संबंधी आदेश मिलने के बाद इस संयुक्त बैच के सभी मामलों को आगामी 5 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। सरकार द्वारा लिखित प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद ही इस मामले में आगे का निर्णय लिया जाएगा।























