नई दिल्ली: आगामी त्योहारी सीजन से ठीक पहले आम उपभोक्ताओं और हलवाई कारोबारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में लगभग 10 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद इसके दाम घटकर ₹58.50 प्रति किलो के आसपास आ गए हैं। वहीं, थोक और मिल स्तर (एक्स-मिल) पर कीमतों में 25 फीसदी तक की भारी कमी देखी गई है।
थोक खरीदारों के लिए स्टॉक सीमा 15 से बढ़ाकर हुई 30 दिन
त्योहारों के दौरान मिठाई उद्योग और बड़े खाद्य निर्माताओं की मांग को बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने अहम नीतिगत फैसला लिया है:बड़े थोक खरीदारों (Bulk Consumers) के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है। सरकार के इस कदम का मकसद बाजार में कृत्रिम कमी को रोकना और त्योहारों के दौरान मिठाइयों व कन्फेक्शनरी उत्पादों की लागत को नियंत्रित रखना है।
1 अक्टूबर से गन्ने की नई FRP ₹365 प्रति क्विंटल होगी लागू
किसानों और उद्योग दोनों के हितों में संतुलन साधते हुए केंद्र सरकार ने नए पेराई सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। इससे जहां किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा, वहीं बाजार में चीनी की आपूर्ति स्थिर रखने में भी मदद मिलेगी।
ग्राहकों को पूरा फायदा देने की तैयारी
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने पाया है कि मिल स्तर पर 25% की कमी की तुलना में खुदरा बाजार में अब तक केवल 10% की गिरावट ही पहुंची है। सरकार ने चीनी मिलों और व्यापारी संगठनों को सख्त संदेश दिया है कि मिलों में घटे दामों का पूरा फायदा सप्लाई चेन के जरिए सीधे आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए, जिससे आने वाले दिनों में खुदरा काउंटर पर चीनी के भाव और नीचे आ सकते हैं।























