रायपुर:
छत्तीसगढ़ में वित्तीय समावेशन को गति देने और ग्रामीण अंचलों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। बैंक ने प्रदेश के सभी 33 जिलों में ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं का दायरा बढ़ाने के उद्देश्य से बीएलएस ई-सर्विसेज लिमिटेड की सहायक कंपनी ‘जीरो मास प्राइवेट लिमिटेड’ को अपना आधिकारिक बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (बीसी) नियुक्त किया है। इस साझेदारी के माध्यम से अगले दो से तीन वर्षों के भीतर राज्यभर में 600 से अधिक नए बैंकिंग सेवा केंद्रों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभाग जैसे सुदूर वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों के ग्रामीणों को लेन-देन के लिए मीलों दूर बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।
इन नवनिर्मित बीसी केंद्रों के संचालन से ग्रामीण उपभोक्ताओं को उनके घर के समीप ही संपूर्ण बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्रामीण इन केंद्रों पर नकदी जमा और निकासी, खाते की शेष राशि (बैलेंस) की जांच, फंड ट्रांसफर और पासबुक अपडेट कराने जैसी आवश्यक सेवाएं आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, नए बचत बैंक खाते खोलने, आधार आधारित भुगतान प्रणाली (AePS) के माध्यम से त्वरित बायोमेट्रिक भुगतान करने तथा केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और कल्याणकारी योजनाओं की राशि प्राप्त करने की सुविधा भी इन केंद्रों पर एक ही छत के नीचे मिलेगी।
साझेदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बीएलएस ई-सर्विसेज के डिप्टी सीईओ आशीष मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की विशिष्ट भौगोलिक संरचना और बिखरी हुई ग्रामीण बसाहटों को देखते हुए बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट मॉडल वित्तीय सेवाओं के विस्तार में सबसे प्रभावी कड़ी साबित हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांव के पास ही विश्वसनीय बैंकिंग तंत्र उपलब्ध होने से ग्रामीणों के समय और यात्रा खर्च में भारी बचत होगी, वहीं दूसरी ओर बैंक की मुख्य शाखाओं पर लगने वाली लंबी कतारों और कार्यभार का दबाव भी काफी हद तक कम होगा। कंपनी का मुख्य लक्ष्य दूर-दराज के वंचित वर्गों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर उनके गांवों में ही सुरक्षित और पारदर्शी वित्तीय सेवाएं मुहैया कराना है।


