नई दिल्ली:
आज 1 नवंबर 2026 से देश में आम उपभोक्ताओं, बैंक खाताधारकों, करदाताओं और पेंशनभोगियों के दैनिक जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक नियम बदल गए हैं। नए नियमों के प्रभावी होने से जहां पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और इंडसइंड बैंक के ग्राहकों पर क्रेडिट कार्ड निकासी, यूटिलिटी बिल भुगतान और ट्रांजैक्शन फेल होने के मामले में वित्तीय शुल्क बढ़ेंगे, वहीं जीएसटी रिफंड और आयकर ऑडिट रिटर्न दाखिल करने वालों को राहत मिली है। इसके अलावा, पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की समय-सीमा शुरू हो चुकी है और टेलीकॉम व म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े नियमों में भी आज से बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने वीजा और रूपे क्रेडिट कार्ड के सेवा शुल्कों में संशोधन कर दिया है। अब पीएनबी एटीएम से क्रेडिट कार्ड के जरिए कैश निकालने पर निकाली गई राशि का 2.5 प्रतिशत या न्यूनतम 400 रुपये तथा दूसरे घरेलू एटीएम से निकासी पर 2.5 प्रतिशत या न्यूनतम 500 रुपये शुल्क देना होगा। इसके अलावा 50 हजार रुपये से अधिक के बकाए पर लेट पेमेंट फीस 1,200 रुपये तक वसूल की जाएगी, जबकि एक बिलिंग चक्र में 50,000 रुपये से अधिक के बिजली-पानी जैसे यूटिलिटी बिलों के भुगतान पर 1 प्रतिशत (अधिकतम 2,000 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन) अतिरिक्त शुल्क लागू होगा। वहीं, इंडसइंड बैंक के कुछ बचत खातों में पर्याप्त राशि न होने के कारण पीओएस या एटीएम पर ट्रांजैक्शन फेल होने पर 25 रुपये तथा गैर-वित्तीय कारणों से चेक बाउंस होने पर 50 रुपये (जीएसटी अलग से) का चार्ज लगाया जाएगा।
कर और व्यापार सुधारों के मोर्चे पर राहत देते हुए सरकार ने जीएसटी के तहत पोस्ट-सेल डिस्काउंट, क्रेडिट नोट और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से प्रभावित कारोबारियों के लिए रिफंड से जुड़े नए प्रावधान लागू किए हैं। इसके साथ ही आयकर विभाग ने ऑडिट अनिवार्य वाले विशिष्ट करदाताओं के लिए असेसमेंट ईयर 2026-27 के आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी है, जिसका लाभ 21 अक्टूबर तक अपनी ऑडिट रिपोर्ट जमा करने वाले पात्र पेशेवरों और फर्मों को मिलेगा। दूसरी ओर, 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनरों के लिए वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा करने की प्रक्रिया आज से शुरू होकर 30 नवंबर 2026 तक चलेगी, जिसे बैंक शाखा में जाकर या घर बैठे फेस ऑथेंटिकेशन व जीवन प्रमाण पोर्टल के जरिए पूरा किया जा सकता है।
निवेश, टेलीकॉम और ईंधन के मोर्चे पर भी नई व्यवस्थाएं आज से अमल में आ गई हैं। सेबी (SEBI) के निर्देशानुसार अब म्यूचुअल फंड कंपनियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डायरेक्ट प्लान ही डिफॉल्ट विकल्प के रूप में दिखेगा, ताकि निवेशकों को कम लागत का लाभ मिल सके। टेलीकॉम कंपनियों के लिए आज से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे फोन की स्क्रीन पर कॉलर का नाम और नंबर दोनों प्रदर्शित होंगे। इसके अतिरिक्त, तेल विपणन कंपनियों द्वारा महीने की पहली तारीख को कमर्शियल और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा की जा रही है, जिससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत प्रभावित हो सकती है।


