रायपुर, 06 नवंबर 2026:
छत्तीसगढ़ विधानसभा को आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी से लैस करने और इसकी कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुव्यवस्थित तथा पेपरलेस बनाने की दिशा में राज्य ने बड़ा कदम उठाया है। विधायी प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के उद्देश्य से ‘राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन’ (NeVA – National e-Vidhan Application) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल विधायी प्रक्रियाओं और तकनीकी मॉड्यूल्स का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य विधानसभा सचिवालय के अमले को NeVA की तकनीकी और व्यावहारिक बारीकियों से दक्ष बनाना था, ताकि विधायी कार्यों में डिजिटल संस्कृति को बढ़ावा मिले और प्रशासनिक दक्षता में इजाफा हो सके। सत्र के दौरान भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय (MoPA) के NeVA समन्वयक अमन गौतम और श्रीधर स्वामी ने एप्लीकेशन के विभिन्न प्रमुख तकनीकी मॉड्यूल्स की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने प्रतिभागियों को विशेष रूप से एडमिन मॉड्यूल, प्रश्न मॉड्यूल और समिति मॉड्यूल के संचालन का लाइव व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कई प्रमुख डिजिटल कार्यप्रणालियों का अभ्यास कराया गया, जिनमें शामिल हैं:
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ऑनलाइन प्रश्न व सूचनाएं: विधानसभा प्रश्नों, तारांकित-अतारांकित सूचनाओं और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों को डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत और प्रबंधित करना।
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दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन: विधायी दस्तावेजों, विधेयकों और कार्यसूची का सुरक्षित ऑनलाइन संधारण।
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त्वरित सूचना आदान-प्रदान: सदन की कार्यवाही, दैनिक कार्यसूची और सभा की बैठकों से जुड़ी सूचनाओं का विभागों व सदस्यों के बीच रियल-टाइम साझाकरण।
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एकीकृत प्लेटफॉर्म: संसदीय और विधायी समितियों के कार्यों को एक ही डिजिटल मंच से संचालित करना।
तकनीकी विशेषज्ञों ने रेखांकित किया कि NeVA के पूर्ण उपयोग से न केवल कागजी कामकाज समाप्त होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि विधायी प्रक्रियाओं के निष्पादन में तेजी, पारदर्शिता और उच्च स्तरीय प्रभावशीलता भी सुनिश्चित होगी।


