रायपुर: छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 13 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती मनाई जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में सभी संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

निर्देश के अनुसार, 15 नवंबर को रविवार होने के कारण, राज्य के सभी स्कूलों में 13 नवंबर को ही भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्ष पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थागत प्रमुखों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
इसके साथ ही, इन आयोजनों की जानकारी फोटो और रिपोर्ट के माध्यम से संचालनालय को देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
भगवान बिरसा मुंडा एक आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए भी काम किया था। उनकी जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
यह खबर छत्तीसगढ़ में आदिवासी संस्कृति और इतिहास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह युवाओं को अपने देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानने और उनसे प्रेरणा लेने का एक अच्छा अवसर भी है।
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