रायपुर, 27 अक्टूबर 2026 बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने व्यापक स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्य के नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने सभीसंबंधित विभागों और जिला प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), रायपुर से प्राप्त सूचना के अनुसार, 27 एवं 28 अक्टूबर को प्रदेश के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद और रायपुर जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं।
संवेदनशील गांवों की पहचान और विशेष निगरानी
आपदा से होने वाले संभावित नुकसान को न्यूनतम करने के लिए पूरे प्रदेश में संवेदनशील गांवों का चिन्हांकन किया गया है:
- अति संवेदनशील 12 जिले: सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद और रायपुर में 763 गांव चिन्हित किए गए हैं।
- अन्य जिले: शेष 21 जिलों में 1006 संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है।
- इस प्रकार पूरे प्रदेश में कुल 1769 गांवों को चिन्हित कर आपदा प्रबंधन की तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संवर्गों में नवनियुक्त 520 कर्मचारियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने जिला कलेक्टर्स से कहा है कि:
- तेज हवाओं और तूफान से गिरने की आशंका वाले जर्जर एवं असुरक्षित मकानों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
- जलाशयों के जलस्तर की नियमित निगरानी रखी जाए और पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले क्षेत्रों को 48 घंटे पहले सतर्क किया जाए।
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24 घंटे सक्रिय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और टोल-फ्री नंबर
आपातकालीन सूचनाओं और त्वरित सहायता के लिए राज्य स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे (24×7) सक्रिय है। किसी भी सहायता के लिए नागरिक टोल-फ्री नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, नागरिकों को समय पर मौसम संबंधी चेतावनियां देने के लिए ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है।
शासन और प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक जोखिम उठाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।


