**रायपुर:**
स्कूल शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) के दौरान विद्यार्थियों के लिए ‘समर कैंप’ आयोजित करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. विभाग द्वारा जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य छुट्टियों के दौरान बच्चों के सर्वांगीण विकास, उनकी रचनात्मक गतिविधियों और बहुमुखी प्रतिभा को बढ़ावा देना है.
विभाग ने अधिकारियों और शिक्षकों से अपील की है कि वे इस ग्रीष्मावकाश को बच्चों के सीखने और उनकी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने के एक बेहतरीन अवसर के रूप में उपयोग करें.
सुबह 7:30 से 9:30 तक सजेगी पाठशाला
जारी निर्देशों के अनुसार, इन समर कैंपों का आयोजन स्थानीय स्कूलों या फिर गांव-शहर के सार्वजनिक सामुदायिक स्थानों पर किया जा सकेगा. तेज गर्मी को देखते हुए कैंप के समय में विशेष सावधानी बरती गई है; इसका संचालन प्रतिदिन सुबह **7:30 बजे से 9:30 बजे तक** (केवल दो घंटे) किया जाएगा.
कैंप में क्या कुछ होगा खास?
बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई से इतर कुछ नया सिखाने के लिए समर कैंप में कई तरह की मजेदार और ज्ञानवर्धक गतिविधियां शामिल की गई हैं:
* **विशेषज्ञों से मार्गदर्शन:** कला और रचनात्मक क्षेत्र के एक्सपर्ट्स को कैंप में आमंत्रित किया जाएगा, जो बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देंगे.
* **संस्थानों का भ्रमण:** बच्चों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए उन्हें औद्योगिक संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य बड़े संस्थानों का टूर (भ्रमण) कराया जाएगा.
* **विविध गतिविधियां:** कैंप के दौरान चित्रकला, गायन-वादन, नृत्य, खेलकूद, निबंध एवं कहानी लेखन, हस्तलिपि (Handwriting) लेखन और स्थानीय इतिहास से जुड़ी रोचक गतिविधियां आयोजित होंगी. इसके अलावा जिला व स्कूल स्तर पर भी नई गतिविधियां जोड़ी जा सकेंगी.
पूरी तरह स्वैच्छिक होगा कैंप, नहीं मिलेगा अलग से बजट
स्कूल शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि समर कैंप के लिए सरकार की ओर से कोई अलग बजट जारी नहीं किया जाएगा. कैंप के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनसहयोग (कम्युनिटी सपोर्ट) का सहारा लिया जाएगा. यह समर कैंप पूरी तरह से स्वैच्छिक रहेगा. कैंप शुरू करने से पहले शाला विकास समिति और पालक-शिक्षक समिति (PTA) की लिखित सहमति लेना अनिवार्य होगा.
इस पूरे आयोजन में स्कूल शिक्षकों के साथ-साथ पालकों (Parents) की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि शिक्षक और पालक मिलकर बच्चों के ग्रीष्मकालीन प्रायोजना कार्यों (Summer Projects) को आसानी से पूरा करवा सकें. सभी स्कूलों को अपने यहाँ आयोजित गतिविधियों की रिपोर्ट विभाग को सौंपनी होगी.

