होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा और नए नियमों को लेकर ओमान के सलालाह शहर में ईरान और खाड़ी देशों के बीच सोमवार को होने वाली अहम बैठक स्थगित कर दी गई है। ईरानी सरकारी मीडिया और ओमान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, कुछ क्षेत्रीय देशों के अनुरोध और व्यापक क्षेत्रीय सहमति के हित में यह फैसला लिया गया। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उन देशों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है जिन्होंने बैठक टालने की मांग की थी।
बैठक का मुख्य एजेंडा और होर्मुज पर प्रस्तावित व्यवस्था
इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा गलियारे—होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन को लेकर नई व्यवस्था बनाना था:
-
ईरान-ओमान द्विपक्षीय बातचीत: ईरान और ओमान पिछले कई महीनों से जहाजों की आवाजाही को नियमित करने के लिए बातचीत कर रहे थे। ओमान इस जलडमरूमध्य के दूसरे तट पर नियंत्रण रखता है।
-
ट्रांजिट शुल्क की मांग: ईरान पूर्व में संकेत दे चुका है कि वह इस मार्ग से गुजरने वाले विदेशी जहाजों पर ट्रांजिट शुल्क लगाना चाहता है। तेहरान का तर्क है कि फारस की खाड़ी में प्रवेश करने वाला समुद्री यातायात ईरानी जलक्षेत्र से होकर गुजरता है, जबकि बाहर निकलने वाला मार्ग ईरान और ओमान के संयुक्त जलक्षेत्र से होकर जाता है।
बैठक से चंद घंटे पहले ईरानी जहाज पर हमला, बढ़ा तनाव
वार्ता स्थगित होने से कुछ ही घंटे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में क़ेश्म द्वीप के पास एक ईरानी मालवाहक जहाज (Cargo Ship) पर घातक हमला हुआ:
-
हमले में हताहत: ईरानी मीडिया के अनुसार, इस हमले में 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 4 अन्य घायल हो गए।
-
ब्रिटेन के मैरीटाइम मॉनिटर की पुष्टि: ‘यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ (UKMTO) ने भी पुष्टि की कि जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल से वार किया गया, जिससे उसमें भीषण आग लग गई।
-
अमेरिका का रुख: अमेरिकी सेना ने घटना पर तत्काल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जहाज पर अमेरिकी हमले की संभावना से जुड़े सवाल पर सीधा जवाब देने से परहेज किया।
सऊदी अरब की आपत्तियां और क्षेत्रीय असहमति
कूटनीतिक स्तर पर इस प्रस्तावित समझौते को लेकर खाड़ी देशों के भीतर मतभेद गहरा गए थे:
-
सऊदी अरब की चिंताएं: एक खाड़ी अधिकारी के अनुसार, सऊदी अरब ने ईरान और ओमान के बीच तैयार मसौदे में संशोधन के सुझाव दिए थे। रियाद को आशंका है कि इस व्यवस्था का दूरगामी प्रभाव पड़ेगा और इससे खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के अन्य सदस्य देशों के रणनीतिक व व्यापारिक हित प्रभावित होंगे।
-
भागीदारी पर संशय: बैठक से पहले केवल इराक ने सार्वजनिक रूप से शामिल होने की पुष्टि की थी, जबकि बहरीन ने तेहरान से औपचारिक राजनयिक संबंध न होने के कारण शामिल होने से मना कर दिया था।
ब्रिक्स समिट के दौरान ईरान-UAE के बीच कूटनीतिक हलचल
क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। पेजेशकियन ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी चिंता के संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने पर सहमति बनी। वर्तमान में लगातार सैन्य झड़पों और हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज मार्ग में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पहले ही काफी घट चुकी है।























