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जशपुर पुलिस ने यातायात जागरूकता के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है।

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जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को रोकने के लिए पुलिस द्वारा एक ही दिन में जिले के सभी 766 गांवों में जन चौपाल आयोजित कर हेलमेट उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
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इस महा-अभियान की शुरुआत 18 अप्रैल 2026 को रक्षित केंद्र जशपुर से हेलमेट जागरूकता रैली के साथ हुई थी, जिसमें जिले के वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों सहित हजारों नागरिकों ने हिस्सा लिया। जशपुर पुलिस ने अपनी बीट प्रणाली को मजबूत करते हुए प्रत्येक गांव में एक पुलिस सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किया है, जिनकी मुख्य जिम्मेदारी ग्रामीणों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करना और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है।
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इस अभियान के दौरान न केवल हेलमेट के उपयोग पर जोर दिया गया, बल्कि चार पहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने और नशे में वाहन न चलाने की भी सख्त हिदायत दी गई। अभियान की सफलता में जिले के 5,000 पुलिस मितानों का विशेष योगदान रहा है, जिन्होंने पुलिस और ग्रामीणों के बीच सेतु का कार्य किया। मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री और हजारों गणमान्य नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से दी गई अपील और 60,000 से अधिक नागरिकों द्वारा ली गई सड़क सुरक्षा की शपथ ने इस अभियान को जन आंदोलन बना दिया।

24 जून 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई इस मैराथन जागरूकता गतिविधि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा प्रमाणित किया गया और जशपुर पुलिस को आधिकारिक सर्टिफिकेट एवं मेडल प्रदान किया गया।
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डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस सफलता का श्रेय अपने समस्त अधीनस्थ कर्मचारियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों और सहयोग करने वाले सभी नागरिकों को दिया है।
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