नई दिल्ली: देश में सड़क हादसों को कम करने और यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर यान (संशोधन) नियम 2026 का मसौदा (ड्राफ्ट) जारी करते हुए कारों में ‘एडवांस इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम’ (AEBS) समेत 5 नए सुरक्षा फीचर्स अनिवार्य करने की तैयारी कर ली है। आंकड़ों के मुताबिक, देश में होने वाले 80 प्रतिशत सड़क हादसों की मुख्य वजह ड्राइवर की चूक होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने M1 (8 सीटर तक की पैसेंजर कार) और N1 (हल्के मालवाहक वाहन) श्रेणियों के लिए इन तकनीकों को लागू करने की समय-सीमा तय की है। इस मसौदे पर आम जनता और विशेषज्ञों से 30 दिनों के भीतर सुझाव मांगे गए हैं।
नए नियमों के तहत देश में बिकने वाली हर M1 श्रेणी की कार में AEBS तकनीक लगाना अनिवार्य होगा। यह नियम 1 अक्टूबर 2030 से आने वाले नए मॉडल्स पर और 1 अक्टूबर 2032 से सभी मौजूदा मॉडल्स पर पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इस सिस्टम के तहत यदि चलती गाड़ी के सामने अचानक कोई अवरोध, व्यक्ति या वाहन आ जाता है, तो कार बिना ड्राइवर के इनपुट के खुद-ब-खुद ब्रेक लगा लेगी। जिस भी गाड़ी में यह सिस्टम लगेगा, उसे ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS-185) के कड़े पैमानों पर खरा उतरना होगा।
व्यावसायिक उपयोग में आने वाली टैक्सियों, कैब और कंपनी कारों (ट्रांसपोर्ट M1) के लिए 1 अक्टूबर 2029 से दो विशेष सुरक्षा नियम अनिवार्य किए जा रहे हैं। इनमें ‘ऑटोमैटिक कमांड स्टीयरिंग फंक्शन’ (ACSF) और ‘इमरजेंसी लेन कीपिंग सिस्टम’ (ELKS) शामिल हैं। इन फीचर्स की मदद से कार अनजाने में अपनी लेन से नहीं भटकेगी; यदि गाड़ी अचानक लेन छोड़ती है, तो सिस्टम खुद स्टीयरिंग को नियंत्रित कर कार को सुरक्षित लेन में वापस ले आएगा।
ड्राइवरों को नींद या झपकी आने की वजह से होने वाली भीषण दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 1 अक्टूबर 2027 से ‘ड्राइवर ड्राउजीनेस एंड अटेंशन वार्निंग सिस्टम’ लागू किया जाएगा। यह सिस्टम ट्रांसपोर्ट M1 गाड़ियों में 1 अक्टूबर 2029 से अनिवार्य होगा। जैसे ही ड्राइवर को झपकी आएगी या उसका ध्यान भटकेगा, गाड़ी में तेज बीप की आवाज गूंजने लगेगी और ड्राइवर की सीट तेजी से वाइब्रेट करने लगेगी, जिससे ड्राइवर तुरंत सचेत हो जाएगा और बड़ा हादसा टल सकेगा।
इसके अलावा, यात्रियों और बच्चों की हिफाजत के लिए भी कड़े प्रावधान किए गए हैं। अचानक ब्रेक लगने पर डिक्की या पीछे रखा भारी सामान उछलकर आगे बैठे यात्रियों पर न गिरे, इसके लिए 1 अप्रैल 2028 से ‘लगेज रिटेंशन सिस्टम’ अनिवार्य होगा। वहीं नन्हे बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘ISOFIX चाइल्ड सीट एंकरेज’ को नए मॉडल्स में 1 अक्टूबर 2027 से और सभी मॉडल्स में 1 अक्टूबर 2028 से लगाना अनिवार्य किया जाएगा, जिससे सफर के दौरान बच्चों की सीट मजबूती से अपनी जगह पर बंधी रहे।


