नई दिल्ली: आम जनता को जल्द ही प्याज के तीखे तेवरों से राहत मिलने वाली है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, अगले सप्ताह से खुदरा (रिटेल) बाजार में प्याज की कीमतों में स्पष्ट गिरावट देखने को मिलेगी। देशभर की थोक मंडियों में आवक सुधरने से भाव में नरमी आने लगी है, जिसका असर अगले कुछ दिनों में आम उपभोक्ताओं की जेब पर दिखेगा।
थोक मंडियों में 9.1% तक टूटे भाव
महाराष्ट्र समेत देश के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों की मंडियों में प्याज की थोक कीमतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
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2 सितंबर: थोक भाव ₹3,721 प्रति क्विंटल था।
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11 सितंबर: घटकर ₹3,383 प्रति क्विंटल पर आ गया।
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गिरावट: बीते कुछ दिनों में थोक दरों में 9.1 प्रतिशत की सीधी गिरावट आई है।
दिल्ली-एनसीआर में अभी 50 से 70 रुपये किलो
वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर के खुदरा बाजारों में प्याज अब भी ₹50 से ₹70 प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर पर बिक रहा है। हालांकि, थोक मंडी में आई गिरावट का असर स्थानीय खुदरा बाजारों तक पहुंचने में 4 से 6 दिन का समय लगता है, जिसके चलते अगले हफ्ते से रिटेल कीमतों में भी तेज गिरावट तय मानी जा रही है।
₹35 प्रति किलो पर सरकारी रियायती बिक्री जारी
बाजार में दरों को नियंत्रित रखने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा ‘मूल्य स्थिरीकरण कोष’ (Price Stabilization Fund) के बफर स्टॉक से प्याज की रियायती बिक्री की जा रही है। मोबाइल वैन और सरकारी केंद्रों के जरिए आम उपभोक्ताओं को ₹35 प्रति किलो की सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे जमाखोरी पर रोक लगे और खुदरा कीमतों को सामान्य स्तर पर लाया जा सके।























