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नई दिल्ली। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने प्राइवेट और बिना सरकारी मदद के चलने वाले स्कूलों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नए स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) नियम 2026 उन प्राइवेट स्कूलों पर लागू नहीं होंगे, जो अपनी व्यवस्था चलाने के लिए सरकार या किसी स्थानीय प्रशासन से कोई पैसा या वित्तीय सहायता नहीं लेते हैं। इस सिलसिले में केंद्र सरकार ने बीस मई को सभी राज्यों को चिट्ठी लिखकर पूरी स्थिति साफ कर दी है।
दरअसल, शिक्षा मंत्रालय ने छह मई को स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के नए नियम जारी किए थे। सरकार का मकसद था कि स्कूलों के कामकाज में माता-पिता और स्थानीय समाज की भागीदारी बढ़े, जिससे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का माहौल बेहतर हो सके। लेकिन इन नियमों के आने के बाद प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों और समाज के कुछ हिस्सों में इस बात को लेकर चिंता और कन्फ्यूजन था कि क्या ये कड़े नियम प्राइवेट स्कूलों पर भी थोपे जाएंगे। इसी आशंका को दूर करने के लिए सरकार को अब यह नया स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा है।
सरकार ने भले ही बिना सहायता पाने वाले निजी स्कूलों को इस नियम से तकनीकी रूप से बाहर रखा है, लेकिन साथ ही उनसे एक अपील भी की है। शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि स्कूल में पारदर्शिता और बेहतर कामकाज के लिए इन प्राइवेट स्कूलों को भी अपनी इच्छा से ऐसी कमेटियां बनानी चाहिए। सरकार ने जोर देकर कहा है कि बच्चों के अच्छे भविष्य और पढ़ाई के लिए सरकार, स्कूल, माता-पिता और समाज का आपस में मिलकर काम करना बेहद जरूरी है।

