रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) के दौरान भी स्कूल संचालित करने वाले निजी शिक्षण संस्थानों पर अब राज्य सरकार का डंडा चलने वाला है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और संभागीय संयुक्त संचालकों को ऐसे स्कूलों की पहचान कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सीधे शासन को भेजने के लिए भी कहा गया है।
20 अप्रैल से 15 जून तक घोषित है ग्रीष्मकालीन अवकाश
गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर-अनुदान प्राप्त और अशासकीय (निजी) विद्यालयों में 20 अप्रैल से 15 जून तक के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है। सरकार ने यह फैसला बच्चों को चिलचिलाती धूप और स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचाने के लिए लिया था। इसके बावजूद, राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों से लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं कि निजी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को बुला रहे हैं और नियमित रूप से कक्षाएं संचालित कर रहे हैं।
आदेश की अनदेखी पर सरकार सख्त, हाई कोर्ट ने भी जताई थी चिंता
मिल रही जानकारियों के अनुसार, कुछ निजी विद्यालय शासन के स्पष्ट आदेश के बावजूद अलग-अलग अतिरिक्त गतिविधियों या एक्स्ट्रा क्लासेस के बहाने स्कूलों का संचालन धड़ल्ले से कर रहे हैं। राज्य शासन ने इसे सरकारी आदेश का खुला उल्लंघन माना है और ऐसे संस्थानों के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।
हाल ही में माननीय हाई कोर्ट ने भी कड़कड़ाती धूप और अवकाश अवधि के दौरान निजी स्कूलों में इस तरह कक्षाएं संचालित किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। हाई कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। विभाग ने जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने या भारी जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

