रायपुर: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) के हालिया आंकड़े छत्तीसगढ़ में महिलाओं की बदलती तस्वीर को बयां करते हैं। राज्य में महिलाएं वित्तीय रूप से तेजी से आत्मनिर्भर हो रही हैं, वहीं डिजिटल और मोबाइल तकनीक के उपयोग के मामले में प्रगति तो हुई है, लेकिन अभी कई राज्यों की तुलना में यह रफ्तार धीमी है।
अमेजन ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 8 अक्टूबर से शुरू: स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स पर रॉक-बॉटम डील्स की बौछार, SBI कार्ड पर 10% इंस्टेंट डिस्काउंट
वित्तीय समावेशन में मजबूत प्रदर्शन: बैंक खातों का उपयोग
छत्तीसगढ़ की महिलाओं ने वित्तीय स्वतंत्रता के मामले में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
NFHS-6 के अनुसार, छत्तीसगढ़ की लगभग 93.4% महिलाओं के पास खुद का बैंक या बचत खाता है और वे स्वयं इसका संचालन करती हैं। पिछले सर्वेक्षण (NFHS-5) में यह आंकड़ा करीब 80.3% था।जन धन योजना और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) की बदौलत प्रदेश की महिलाओं ने इस मोर्चे पर राष्ट्रीय औसत (लगभग 89%) से भी बेहतर स्थिति दर्ज की है। स्थानीय रिपोर्ट्स भी इस बात की पुष्टि करती हैं कि वित्तीय समावेशन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
बैंक हड़ताल अलर्ट: 28 से 30 सितंबर तक देशव्यापी हड़ताल, वीकेंड मिलाकर 5 दिन बंद रह सकते हैं बैंक
इंटरनेट का इस्तेमाल: दोगुना हुआ दायरा, पर राष्ट्रीय औसत से पीछे
डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट के उपयोग के मामले में राज्य में सुधार तो दिखा है, लेकिन स्थिति अभी राष्ट्रीय स्तर से थोड़ी पीछे है:
छत्तीसगढ़ में अब लगभग 54.4% महिलाएं (शहरी क्षेत्रों में 74.4% और ग्रामीण क्षेत्रों में 49.0%) इंटरनेट का उपयोग कर रही हैं।पिछले सर्वेक्षण (NFHS-5) में यह आंकड़ा मात्र 26.7% था, यानी महिलाओं के बीच इंटरनेट का उपयोग लगभग दोगुना जरूर हुआ है। हालांकि, 64.3% का जो आंकड़ा अक्सर चर्चा में आता है, वह असल में राष्ट्रीय औसत है, न कि छत्तीसगढ़ का व्यक्तिगत आंकड़ा। त्रिपुरा, असम और ओडिशा जैसे राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ भी इंटरनेट उपयोग के मामले में अभी निचले पायदान के कुछ राज्यों में शामिल है।
दवाओं की होम डिलीवरी पर लग सकता है ब्रेक! DTAB करेगा नियमों की समीक्षा
मोबाइल फोन की पहुंच: अभी भी बड़ी चुनौती
खुद का मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाली महिलाओं के आंकड़ों को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति रहती है, जिसे NFHS-6 ने स्पष्ट किया है: छत्तीसगढ़ में खुद का मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाली महिलाओं का प्रतिशत लगभग 47.8% है। यह देश के सबसे निचले स्तर के आंकड़ों में से एक है, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 63.6% है।
ध्यातव्य हो कि पूर्व के सर्वेक्षणों में जो 80.3% का आंकड़ा देखा गया था, वह दरअसल बैंक खातों से जुड़ा था, जिसे कई जगह मोबाइल या अन्य संदर्भों में भ्रमवश जोड़ दिया जाता है। हालांकि, NFHS-5 (40.7%) की तुलना में इसमें भी सुधार दर्ज किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी योजनाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सक्रियता के कारण छत्तीसगढ़ की महिलाओं ने वित्तीय समावेशन (बैंक खातों) में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। हालांकि, डिजिटल साक्षरता, खुद के मोबाइल फोन की उपलब्धता और इंटरनेट की पहुंच को ग्रामीण स्तर पर और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि महिलाएं डिजिटल भारत के अभियान में पूरी ताकत से कदमताल कर सकें।
WhatsApp पर पुराना मैसेज खोजना होगा चुटकियों का काम, बदल गया सालों पुराना तरीका!























