गरियाबंद:
छत्तीसगढ़ में पटवारियों के प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन के बीच गरियाबंद जिले से बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही बरतने और राजस्व से जुड़े अहम कार्यों में संतोषजनक प्रगति न पाए जाने के आधार पर 9 पटवारियों को एक साथ निलंबित कर दिया है। प्रशासन के इस कड़े कदम से पूरे राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है। वहीं, अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत पटवारी संघ और जिला प्रशासन के बीच टकराव और अधिक गहराने के आसार बन गए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गरियाबंद जिला प्रशासन द्वारा हाल ही में विभिन्न पटवारी हल्कों में चल रहे राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई थी। इस दौरान किसानों और आम नागरिकों से जुड़े बेहद संवेदनशील कार्य—जैसे गिरदावरी, डिजिटल नक्शा अद्यतन और बटांकन के मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई। गिरदावरी किसानों की बोई गई फसलों के विवरण और आगामी उपार्जन से जुड़ी अनिवार्य प्रक्रिया है, जबकि नक्शा दुरुस्ती और बटांकन से जमीन संबंधी विवादों का निपटारा होता है। इन कार्यों में लगातार हो रही देरी को देखते हुए संबंधित कर्मचारियों को पूर्व में काम में तेजी लाने और समय-सीमा में काम निपटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद प्रगति शून्य या असंतोषजनक पाए जाने पर अंततः निलंबन की सख्त कार्रवाई की गई।
गौरतलब है कि पूरे राज्य में पटवारी अपनी विभिन्न सेवा शर्तों और मांगों को लेकर काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे तहसील और ब्लॉक स्तर पर राजस्व कामकाज बुरी तरह ठप हो गया है। प्रशासन की ओर से हड़ताली कर्मचारियों को काम पर वापस लौटने और शासकीय दायित्वों का निर्वहन करने के लिए लगातार नोटिस जारी किए जा रहे थे। गरियाबंद में भी 3 नवंबर को पटवारी संघ के समर्थन में कर्मचारी-अधिकारी संगठनों ने एक बड़ी रैली निकालकर अपनी एकजुटता दिखाई थी।
ऐसे माहौल में एक साथ 9 पटवारियों पर हुई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई ने आग में घी डालने का काम किया है। हालांकि, निलंबित पटवारियों के व्यक्तिगत नाम और मूल आदेश की प्रति अभी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन इस कार्रवाई के बाद कर्मचारी संघों में भारी आक्रोश है और आंदोलन के और अधिक उग्र होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, अटके हुए राजस्व कार्यों के वैकल्पिक संचालन और कर्मचारियों की हड़ताल पर शासन के आगामी रुख पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


