नई दिल्ली:
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत निवेश करने वाले करोड़ों अंशधारकों के लिए पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने नियमों में बड़ा सुधार किया है। नियामक ने पेंशन फंड योजनाओं (MSF Schemes) के नामकरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उनके प्रदर्शन (डिस्प्ले) को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। ये नए दिशा-निर्देश 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी होंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य योजनाओं के जटिल और लंबे नामों से होने वाले भ्रम को दूर करना और निवेशकों के लिए चयन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व सरल बनाना है।
अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला: 2 साल बढ़ा कार्यकाल, अब 6 साल तक करेंगे देश सेवा; परमानेंट होने के भी खुलेंगे रास्ते
अब तक पेंशन योजनाओं के नामकरण में श्रेणी कोड (जैसे A से E तक के तकनीकी कोड) जोड़े जाते थे, जिसके चलते योजनाओं के नाम अनावश्यक रूप से लंबे और आम निवेशकों के लिए समझने में बेहद कठिन हो जाते थे। नए नियमों के लागू होने के बाद योजनाओं के नाम से इन कैटेगरी कोड्स को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। अब स्कीमों का नाम एक सुव्यवस्थित और सीधे प्रारूप में तय होगा, जिसमें सबसे पहले पेंशन फंड का संक्षिप्त नाम, उसके बाद ‘NPS’ और अंत में योजना का यूनीक नाम दर्ज होगा (जैसे- XYZ NPS Scheme Name)। टियर-I डिफ़ॉल्ट खाता होने के कारण इसके लिए अलग से कुछ नहीं लिखा जाएगा, जबकि टियर-II खातों से जुड़ी योजनाओं की पहचान के लिए नाम के अंत में स्पष्ट रूप से ‘Tier II’ जोड़ना अनिवार्य होगा।
योजनाओं के नाम से कोड हटने के बावजूद निवेशकों के हितों और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है। PFRDA ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों को संबंधित योजना की श्रेणी और उसमें निहित वित्तीय जोखिम (रिस्क लेवल) की विस्तृत जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक पेंशन फंड को अपनी स्कीम के ब्रोशर और ‘NPS स्कीम एसेंशियल डॉक्यूमेंट’ में यह विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा, ताकि निवेशक अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और सेवानिवृत्ति लक्ष्यों के अनुरूप बिना किसी संशय के सही फंड का चुनाव कर सकें।
इसके साथ ही पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) यानी वितरण प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स पर योजनाओं को प्रदर्शित करने के सख्त नियम तय किए गए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई पेंशन फंड कंपनी अपना खुद का लाइसेंस प्राप्त PoP प्लेटफॉर्म या मोबाइल ऐप संचालित करती है, तो वह वहां केवल अपनी योजनाएं तभी दिखा सकेगी जब ग्राहक ने विशेष तौर पर उसी कंपनी को चुना हो। वहीं, बाकी सभी स्वतंत्र PoP प्लेटफॉर्म्स और सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRA) के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे ग्राहक द्वारा चुनी गई श्रेणी के अंतर्गत बाजार में मौजूद सभी पेंशन फंड्स की योजनाओं को समान रूप से प्रदर्शित करें। इससे किसी एक कंपनी के पक्ष में पक्षपात की गुंजाइश खत्म होगी और निवेशकों को सभी उपलब्ध विकल्पों की निष्पक्ष तुलना करने की पूरी सुविधा मिलेगी।


