नई दिल्ली:
त्योहारी सीजन के ठीक पहले देश के प्रमुख डेयरी ब्रांड अमूल (Amul) ने आम उपभोक्ताओं को बड़ा झटका देते हुए घी और मक्खन की कीमतों में इजाफा कर दिया है। नई दरों के लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को 1 किलोग्राम घी खरीदने के लिए पहले की तुलना में ₹50 अतिरिक्त चुकाने होंगे, जबकि मक्खन के पैकेट के दामों में भी ₹15 तक की बढ़ोतरी की गई है। चिंता की बात यह भी है कि बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों के रिटेल बाजारों में अमूल के गाय के घी और मक्खन की भारी कमी देखी जा रही है, जिससे त्योहारों पर मिठाइयां और पकवान बनाने की तैयारी में जुटे परिवारों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
कीमतों में हुए बदलाव पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा इजाफा 1 किलोग्राम वाले घी के पैक में देखा गया है, जिसकी कीमत ₹630 से बढ़ाकर ₹680 कर दी गई है। वहीं 500 ग्राम शुद्ध घी का पैकेट अब ₹325 के मुकाबले ₹345 में मिलेगा। मक्खन के दामों में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जहां 100 ग्राम मक्खन का पैक ₹63 से बढ़कर ₹66 और 500 ग्राम मक्खन का पैक ₹310 से बढ़कर ₹325 हो गया है। अमूल के आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गाय का घी ₹740 प्रति लीटर, भैंस का घी ₹720 प्रति लीटर, शुद्ध घी ₹700 और सागर घी ₹710 प्रति लीटर पर सूचीबद्ध हैं, हालांकि प्लेटफॉर्म पर शुद्ध घी, भैंस का घी और कई प्रमुख कॉम्बो पैक ‘आउट ऑफ स्टॉक’ दिखाई दे रहे हैं।
हालिया मूल्य वृद्धि के कारण उपभोक्ताओं को सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में 12% से 5% की कटौती के बाद मिली राहत लगभग समाप्त होती नजर आ रही है। उस समय कर घटने से 1 लीटर घी ₹650 से घटकर ₹610 और 5 लीटर का टिन ₹3,275 से घटकर ₹3,075 हो गया था, जबकि 500 ग्राम मक्खन ₹285 पर आ गया था। ताजा बढ़ोतरी से न केवल वह फायदा खत्म हुआ है, बल्कि ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ गया है।
बाजार में घी की अचानक कमी के पीछे त्योहारों पर मांग का दबाव और नकली घी पर सरकारी कार्रवाई को प्रमुख कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों और सहकारी प्रतिनिधियों के अनुसार, पूरे साल में खपत होने वाले कुल घी का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा अकेले त्योहारी सीजन के दौरान बिकता है। इसके अतिरिक्त हाल के महीनों में गुजरात और राजस्थान में व्यापक स्तर पर चलाए गए अभियानों में लगभग 2 लाख किलोग्राम मिलावटी व नकली घी जब्त किया गया था। इस सख्ती के बाद आम उपभोक्ताओं का रुझान अमूल जैसे स्थापित व विश्वसनीय ब्रांडों की ओर तेजी से बढ़ा है, जिससे मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ गया है। वडोदरा, अहमदाबाद, पुणे, कोलकाता और जम्मू-कश्मीर के कई प्रमुख सुपरमार्केट्स और अधिकृत पार्लरों में गणपति उत्सव के बाद से ही गाय के घी का स्टॉक सीमित बना हुआ है।


