भोपाल: मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। बिना पात्रता परीक्षा के सेवा में आए इन शिक्षकों की विशेष टीईटी परीक्षा अब कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की जगह मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा आयोजित की जाएगी। विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन परीक्षा का विरोध करना रहा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 के आदेश के तहत प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत बिना पात्रता परीक्षा वाले शिक्षकों के लिए यह विशेष टीईटी होना अनिवार्य किया गया है। शुरुआत में इसकी जिम्मेदारी ईएसबी को सौंपी गई थी, जिसने ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे और 18 सितंबर तक अंतिम तिथि तय की थी।
ईएसबी द्वारा ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कराने की प्रक्रिया शुरू होते ही शिक्षकों ने इसका कड़ा विरोध किया और ऑनलाइन परीक्षा देने से साफ इनकार कर दिया। शिक्षकों की इस नाराजगी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया और परीक्षा को पूरी तरह से परंपरागत ऑफलाइन (पेन-पेपर) पद्धति से आयोजित कराने के निर्देश दिए। जब स्कूल शिक्षा विभाग ने ईएसबी को ऑफलाइन परीक्षा कराने का प्रस्ताव भेजा, तो एजेंसी ने अपने पास केवल ऑनलाइन परीक्षाओं का सेटअप होने का हवाला देते हुए इसे कराने में असमर्थता जताई।
एजेंसी के इनकार के बाद शासन ने यह पूरी जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) को सौंप दी है, जिसकी अधिसूचना मंगलवार शाम को जारी कर दी गई। एजेंसी में हुए इस बड़े बदलाव और ऑफलाइन व्यवस्था अपनाने के कारण अब यह परीक्षा अक्टूबर के बजाय दिसंबर महीने तक आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है।
परीक्षा कार्यक्रम और आवेदन प्रक्रिया को लेकर माशिमं जल्द ही एक-दो दिनों के भीतर उच्चाधिकारियों की बैठक बुलाकर नया शेड्यूल जारी करेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों ने पहले ही ईएसबी के पोर्टल पर अपने आवेदन जमा कर दिए हैं, उन्हें माशिमं के पास दोबारा आवेदन करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, जिन पात्र शिक्षकों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, उन्हें माशिमं द्वारा आवेदन करने का नया अवसर और अतिरिक्त समय दिया जाएगा।























