भारत में कारों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नए कार मॉडलों में एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है। यह तकनीक किसी संभावित टक्कर का खतरा पहचानकर जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगा सकती है। प्रस्ताव के मुताबिक, नए कार मॉडलों के लिए यह नियम 1 अक्टूबर 2030 से और सभी मॉडलों के लिए 1 अक्टूबर 2032 से लागू करने की योजना है। हालांकि, अभी यह मसौदा प्रस्ताव है, अंतिम नियम नहीं।
2030 से नई कारों में AEBS अनिवार्य करने का प्रस्ताव
मंत्रालय के 19 अक्टूबर 2026 के मसौदा नोटिफिकेशन के अनुसार, M1 श्रेणी के नए कार मॉडलों में 1 अक्टूबर 2030 से AEBS लगाना जरूरी करने का प्रस्ताव है। वहीं, इस तारीख के बाद भी उत्पादन में बने रहने वाले सभी संबंधित मॉडलों के लिए 1 अक्टूबर 2032 की समय-सीमा प्रस्तावित की गई है।
M1 श्रेणी में मुख्य रूप से यात्रियों को ले जाने के लिए बनाए गए कार जैसे वाहन आते हैं, जिनमें चालक सहित अधिकतम आठ सीटें होती हैं। प्रस्तावित सिस्टम को निर्धारित ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड AIS-185 के अनुरूप होना होगा।
क्या है AEBS और कैसे बचाएगा हादसों से?
AEBS यानी Advanced Emergency Braking System एक सुरक्षा तकनीक है, जो संभावित टक्कर की स्थिति में चालक को चेतावनी दे सकती है और जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगा सकती है। अगर चालक समय पर प्रतिक्रिया नहीं देता, तो यह सिस्टम टक्कर से बचने या उसके प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है।
इस तकनीक के प्रमुख फायदे हैं:
- ऑटोमैटिक ब्रेकिंग: खतरा पहचानने पर सिस्टम अपने आप ब्रेक लगा सकता है।
- टक्कर का जोखिम कम करना: समय पर कार्रवाई से दुर्घटना की गंभीरता घटाने में मदद मिल सकती है।
- ड्राइवर को अतिरिक्त सहायता: आपात स्थिति में चालक की प्रतिक्रिया में देरी होने पर सिस्टम मदद कर सकता है।
ध्यान देने वाली बात है कि AEBS, ADAS यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम का एक हिस्सा है। यह तकनीक दुर्घटनाओं का जोखिम घटाने में मदद करती है, लेकिन सुरक्षित ड्राइविंग और चालक की सतर्कता का विकल्प नहीं है।
ट्रकों की सुरक्षा के लिए भी होंगे बदलाव
सरकार ने मध्यम और भारी वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी नियमों में बदलाव किए हैं। प्रस्तावित कार नियमों के अलावा, ट्रकों में ब्रेकिंग सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) से जुड़े सुरक्षा मानकों को भी मजबूत किया जा रहा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रकों के लिए संशोधित ब्रेकिंग मानक और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल से जुड़े नियम 1 अक्टूबर 2027 से लागू करने की योजना है। ESC घुमावदार रास्तों या अचानक ब्रेक लगाने जैसी परिस्थितियों में वाहन को स्थिर रखने में मदद कर सकता है। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।


