छत्तीसगढ़ में बस का सफर जल्द महंगा हो सकता है। यात्री बसों के किराये में 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर की वृद्धि को लेकर परिवहन मंत्री केदार कश्यप और बस ऑपरेटरों के बीच सहमति बन गई है। हालांकि, किराये में इस प्रस्तावित बढ़ोतरी पर अंतिम मुहर आगामी कैबिनेट बैठक में लगेगी। सरकार के इस सकारात्मक रुख के बाद बस संचालकों ने 22 सितंबर से प्रस्तावित अपना प्रदेशव्यापी महाबंद वापस ले लिया है, जिससे आम यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
परिवहन मंत्री के साथ 9 सूत्रीय मांगों पर चर्चा
परिवहन मंत्री केदार कश्यप के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी नौ सूत्रीय मांगें रखीं। मंत्री ने ऑपरेटरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनकी मुख्य चिंताओं के समाधान का भरोसा दिलाया:
कैबिनेट में जाएगा किराया वृद्धि का प्रस्ताव:
बैठक में तय हुआ कि 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर किराया वृद्धि और टैक्स संशोधन का प्रस्ताव आगामी कैबिनेट में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद ही नई किराया दरें औपचारिक रूप से लागू होंगी।
सिंगल स्लीपर-सिंगल टैक्स व्यवस्था पर सहमति:
बस ऑपरेटरों की पुरानी मांग को स्वीकारते हुए परिवहन मंत्री ने स्लीपर बसों में ‘सिंगल स्लीपर-सिंगल टैक्स’ व्यवस्था लागू करने पर सहमति जताई। इससे टैक्स निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया सरल होगी तथा संचालकों को अनावश्यक कागजी जटिलताओं से निजात मिलेगी।
22 सितंबर का चक्काजाम टला, सामान्य रूप से दौड़ेंगी बसें
मांगों पर ठोस सहमति बनने के बाद छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने 22 सितंबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन बस हड़ताल और महाबंद को स्थगित करने की घोषणा की है। इस निर्णय के बाद 22 सितंबर को प्रदेशभर में निजी व यात्री बस सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होंगी। अब बस संचालकों और आम जनता दोनों की निगाहें आगामी कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, जहां किराये में वृद्धि को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।























