रायपुर, 30 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति (SC) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि इन विद्यार्थियों से केंद्रीय क्षेत्र एवं केंद्र प्रवर्तित छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ देने के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट यानी मूल निवासी प्रमाण पत्र की मांग नहीं की जाएगी।

लोक शिक्षण संचालनालय, ब्लॉक-सी, इंद्रावती भवन, अटल नगर नवा रायपुर से 30 सितंबर 2026 को जारी पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
भारत सरकार के पत्र के आधार पर लिया गया निर्णय
संचालनालय के पत्र में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के 21 मई 2026 के पत्र का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि उसके अनुक्रम में राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने भी इस संबंध में पत्र जारी किया है। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद अब छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत विद्यार्थियों से मूल निवासी प्रमाण पत्र नहीं मांगने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रवृत्ति पोर्टल में भी होगा आवश्यक अपडेट
संचालनालय ने इस निर्णय की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के साथ-साथ छात्रवृत्ति योजना के पोर्टल को भी नए निर्देशों के अनुसार अद्यतन करने के लिए एनआईसी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले से एससी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करते समय मूल निवासी प्रमाण पत्र बनवाने या जमा करने की अतिरिक्त प्रक्रिया से राहत मिलेगी। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।























