नई दिल्ली। त्योहारों के सीजन से पहले इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। गीजर, कूलर और पंखे जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं। वहीं, लैपटॉप और मोबाइल फोन खरीदने के लिए भी अब ग्राहकों को पहले से ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ रही है। कारोबारियों के मुताबिक, कॉपर, स्टील और प्लास्टिक जैसी कच्ची सामग्रियों की कीमतों में तेजी का असर घरेलू उपकरणों के बाजार पर दिखाई दे रहा है।
गीजर से पंखे तक बढ़े दाम, जानिए कितनी महंगी हुई खरीदारी
बाजार में पिछले साल की तुलना में कई घरेलू उपकरण महंगे हो गए हैं। कारोबारियों से मिली जानकारी के अनुसार, 2025 में 4,000 रुपये में मिलने वाला गीजर अब करीब 5,500 रुपये में बिक रहा है। इसी तरह 3,000 रुपये वाला कूलर बढ़कर 4,000 रुपये और 1,500 रुपये वाला पंखा करीब 2,000 रुपये का हो गया है।
| उत्पाद | 2025 की कीमत | मौजूदा कीमत |
|---|---|---|
| गीजर | ₹4,000 | ₹5,500 |
| कूलर | ₹3,000 | ₹4,000 |
| पंखा | ₹1,500 | ₹2,000 |
कमला मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट रोहित सेठी के मुताबिक, बीते एक साल में कॉपर की कीमतों में करीब 60%, स्टील में 40% और प्लास्टिक में 100% तक तेजी आई है। कच्चे माल की लागत बढ़ने से कंपनियों पर उत्पादन खर्च का दबाव बढ़ा है। कॉपर महंगा होने के कारण कुछ निर्माता उपकरणों में एल्युमीनियम का इस्तेमाल भी बढ़ा रहे हैं।
रोहित सेठी ने बताया कि वैश्विक बाजार में कॉपर की कीमत 14,000 डॉलर प्रति टन से ऊपर पहुंच गई है। इसका असर इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण और कृषि समेत कई क्षेत्रों पर पड़ रहा है।
कॉपर पाइप की कीमत में भी बड़ा उछाल
दरियागंज ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल के अनुसार, 1 अक्टूबर से कुछ उत्पादों के रेट में 8 से 10% तक बढ़ोतरी हुई है। उनके मुताबिक, कॉपर पाइप की कीमत में भी पिछले एक साल के दौरान उल्लेखनीय तेजी आई है। उन्होंने बताया कि पहले करीब 1,150 रुपये प्रति किलो मिलने वाला कॉपर अब 1,800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
राजीव अग्रवाल के अनुसार, दिल्ली के कुछ डीलर पुराने स्टॉक को पुराने रेट पर बेचकर निकाल रहे हैं, ताकि अगले सीजन के लिए नया माल खरीदा जा सके। इससे ग्राहकों को कुछ दुकानों पर सीमित समय के लिए अपेक्षाकृत कम कीमत पर सामान मिल सकता है।
उन्होंने सितंबर 2025 के जीएसटी बदलावों का भी जिक्र किया। हालांकि, अलग-अलग उत्पादों पर जीएसटी का वास्तविक असर संबंधित वस्तु की लागू कर दर और कीमतों में हुए बदलाव पर निर्भर करता है।
महंगे मोबाइल और लैपटॉप से ग्राहकों का बजट प्रभावित
इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी कीमतों में बढ़ोतरी का असर दिखाई दे रहा है। विजय सेल्स के एक ब्रांच मैनेजर के मुताबिक, कारोबार में रुपये के हिसाब से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, लेकिन बिक्री की मात्रा में उसी अनुपात में इजाफा नहीं हो रहा है।
उनके अनुसार, पिछले साल की तुलना में कारोबार के मूल्य में करीब 25 से 30% की वृद्धि दिखाई दे रही है। इसकी एक वजह उत्पादों की बढ़ी हुई कीमतें हैं। उन्होंने बताया कि पहले 50,000 से 60,000 रुपये की औसत रेंज में मिलने वाले लैपटॉप अब 80,000 से 90,000 रुपये तक की रेंज में पहुंच गए हैं। वहीं, 20,000 रुपये के आसपास की श्रेणी में आने वाले कुछ मोबाइल फोन अब 35,000 से 40,000 रुपये तक की कीमत पर मिल रहे हैं।
हालांकि, इन कीमतों में बदलाव ब्रांड, मॉडल, फीचर्स और बाजार के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
त्योहारों पर EMI और फाइनेंसिंग से बिक्री बढ़ाने की तैयारी
नवरात्र और आगामी त्योहारों को देखते हुए कंपनियों और रिटेलर्स ने बिक्री बढ़ाने की तैयारी की है। कारोबारियों के मुताबिक, ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से EMI, क्रेडिट कार्ड और अन्य फाइनेंस विकल्पों पर जोर दिया जा रहा है।
इससे उन ग्राहकों को भी महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण खरीदने का विकल्प मिल सकता है, जो एकमुश्त भुगतान नहीं करना चाहते। हालांकि, फाइनेंस के जरिए खरीदारी करने पर ब्याज, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शर्तों की जांच करना जरूरी है।
कुल मिलाकर, कच्चे माल की बढ़ती लागत और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की कीमतों में उछाल के बीच इस त्योहार सीजन में ग्राहकों को खरीदारी का बजट पहले से ज्यादा रखना पड़ सकता है। वहीं, बाजार की असली स्थिति इस बात से तय होगी कि बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद ग्राहक कितनी खरीदारी करते हैं।























