रायपुर
छत्तीसगढ़ में नवीन भारतीय न्याय संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन और न्याय प्रक्रिया को तकनीक आधारित, सरल एवं त्वरित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दुर्ग, बिलासपुर तथा रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों और राज्य के प्रत्येक जिले के दो-दो थानों में इस माह के अंत तक दो-दो ई-साइनिंग पैड (e-Signing Pad) उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे शिकायतकर्ताओं के लिए डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया आसान होगी और दस्तावेजों का ऑनलाइन निष्पादन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। शुरुआती चरण के बाद यह सुविधा पूरे प्रदेश के थानों में लागू की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को ‘क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम’ (CCTNS) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया। इस बैठक में डिजिटल प्रणालियों के एकीकरण और पुलिसिंग में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
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डिजिटल पुलिसिंग के लिए बड़े फैसले:
ई-साक्ष्य का विशेष प्रशिक्षण: डिजिटल साक्ष्यों के सही संकलन, संरक्षण और अदालत में प्रस्तुतिकरण के लिए राज्य के सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए व्यापक प्रशिक्षण अभियान चलाया जाएगा।
‘न्याय श्रुति’ जल्द होगी गो-लाइव: न्यायालयीन प्रक्रियाओं को डिजिटल करने के लिए ‘न्याय श्रुति’ प्रणाली को शीघ्र शुरू किया जाएगा। इसके लिए उच्च न्यायालय के माध्यम से सभी न्यायाधीशों की आवश्यक आईडी तैयार कराई जा रही है।
ICJS के 5ों स्तंभ होंगे मजबूत: इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के तहत पुलिस, न्यायालय, जेल, फोरेंसिक और अभियोजन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाएगा।
निजी अस्पताल भी जुड़ेंगे CCTNS से: सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ अब निजी अस्पतालों को भी चरणबद्ध तरीके से CCTNS से जोड़ने की पहल की जाएगी, जिससे एमएलसी (MLC) और मेडिकल साक्ष्यों का आदान-प्रदान तेजी से हो सके।
“नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप अपराधों की विवेचना, साक्ष्य संकलन, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को पूर्णतः डिजिटल और पारदर्शी बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दुर्ग जिले में ऑनलाइन CCTNS के तहत हो रहे कार्यों की सराहना करते हुए निर्देश दिए गए हैं कि अगले 3 से 4 महीनों के भीतर पूरे सिस्टम को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाया जाए।”
— विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री, छत्तीसगढ़
वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, सचिव हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक ध्रुव गुप्ता सहित एनसीआरबी (NCRB) और दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।UP सरकार का बड़ा फैसला: कार्यरत 1.42 लाख शिक्षकों के लिए आयोजित होगी ‘विशेष TET’

