हिमाचल प्रदेश में 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अब स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग इस बजट घोषणा को धरातल पर उतारने जा रहा है, जिसके तहत 1 अक्तूबर से घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू किया जाएगा।
इस योजना के तहत प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), सिविल अस्पतालों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के स्तर पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष टीमें गठित की जा रही हैं। ये टीमें टेस्टिंग किट के साथ सीधे बुजुर्गों के घर पहुंचेंगी, जहां उनके रक्तचाप (बीपी), ब्लड शुगर सहित सामान्य स्वास्थ्य की जांच की जाएगी और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।
जांच के दौरान यदि किसी बुजुर्ग में बीमारी के लक्षण मिलते हैं, तो उन्हें मौके पर ही आवश्यक उपचार और जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं, गंभीर मामलों को तुरंत उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार के अनुसार, ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के उन बुजुर्गों को इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा राहत मिलेगी, जिन्हें अधिक उम्र या आवाजाही की समस्या के कारण अस्पताल पहुंचने में कठिनाई होती है।























