छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विकास की नई रोशनी पहुंच रही है। जहां कभी बिजली, सड़क और बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, वहीं अब PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के जरिए गांवों को सौर ऊर्जा से रोशन किया जा रहा है। धमतरी जिले के 55 गांव इस योजना का हिस्सा बने हैं, जहां सामूहिक सोलर पावर प्लांट लगाए जा रहे हैं। जिले के ठेनही गांव में पहला 142 किलोवाट क्षमता वाला प्लांट तैयार हो चुका है, जिससे 71 परिवारों को सस्ती और स्वच्छ बिजली मिलेगी। यह पहल ग्रामीणों की जिंदगी बदलने के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम मानी जा रही है।
धमतरी के ठेनही गांव से शुरू हुआ बदलाव
धमतरी जिले का ठेनही गांव इस योजना का पहला लाभार्थी गांव बन गया है। यहां करीब 142 किलोवाट क्षमता का सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। इसके लिए गांव से लगभग 50 से 75 मीटर दूर जमीन उपलब्ध कराई गई और ग्रामीणों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया गया।
दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिजली उत्पादन शुरू होगा और 71 परिवारों को सीधे सस्ती बिजली का लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीणों का मासिक बिजली खर्च कम होगा और बिजली बिल की चिंता भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
55 गांवों तक पहुंचेगी सौर ऊर्जा की रोशनी
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत धमतरी जिले के उन 55 गांवों का चयन किया गया है, जहां अधिकतर घर खपरैल या बिना पक्की छत वाले हैं। ऐसे घरों में व्यक्तिगत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना संभव नहीं था, इसलिए सामूहिक सोलर प्लांट का मॉडल अपनाया गया है।
योजना के प्रमुख फायदे
- 55 नक्सल प्रभावित गांवों को मिलेगा बिजली का लाभ।
- ठेनही गांव में 142 किलोवाट क्षमता का पहला सोलर प्लांट।
- 71 परिवारों को सस्ती और स्वच्छ बिजली मिलेगी।
- ग्रामीणों से प्लांट के लिए कोई शुल्क नहीं लिया गया।
- बिजली बिल का बोझ कम होगा।
- स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत होगी।
ग्रिड से जुड़ेंगे सोलर प्लांट, भविष्य में आय की भी संभावना
इस योजना के तहत लगाए जा रहे सोलर प्लांट को बिजली ग्रिड से भी जोड़ा जाएगा। जरूरत से अधिक बनने वाली बिजली ग्रिड में भेजी जा सकेगी, जिससे ऊर्जा का बेहतर उपयोग होगा। भविष्य में ऐसी व्यवस्था से अतिरिक्त आय के अवसर भी बन सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा।
क्यों खास है यह योजना?
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana सिर्फ बिजली उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा, कम बिजली खर्च और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा कदम है। धमतरी के बाद अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में भी इस मॉडल का विस्तार होने की उम्मीद है।
धमतरी के 55 गांवों में शुरू हुई यह पहल दिखाती है कि अब विकास की रोशनी उन क्षेत्रों तक भी पहुंच रही है, जो लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के अन्य दूरस्थ गांवों के लिए भी यह मिसाल बन सकता है। ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Instagram पर फॉलो करें।

