नई दिल्ली:
देश में 1 नवंबर 2026 से आम नागरिकों, करदाताओं, पेंशनभोगियों और व्यापार जगत से जुड़े कई अहम वित्तीय और प्रशासनिक नियमों में बड़े बदलाव प्रभावी होने जा रहे हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) और वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत कारोबारियों को जहां जीएसटी रिफंड और टैक्स फाइलिंग में राहत मिलने जा रही है, वहीं पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का सबसे बड़ा डिजिटल महाभियान भी शुरू हो रहा है। इसके साथ ही त्योहारी और निर्माण सीजन के बीच सीमेंट की कीमतों में प्रति बोरी 50 रुपये तक का इजाफा होने की संभावना भी सामने आ रही है, जिसका असर निर्माण कार्यों की लागत पर पड़ेगा।
कर और व्यापार के मोर्चे पर बजट सुधारों को लागू करते हुए केंद्र सरकार ने बिक्री के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से जूझ रहे एमएसएमई उद्योगों के लिए अनंतिम जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया है, जिससे कारोबारियों की वर्किंग कैपिटल में सुधार होगा। इसके अलावा आयकर विभाग ने ऑडिट अनिवार्य वाले विशिष्ट करदाताओं के लिए निर्धारण वर्ष 2026-27 का आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी है। हालांकि यह अतिरिक्त समय केवल पात्र ऑडिट श्रेणियों के लिए मान्य होगा और सामान्य व्यक्तिगत करदाताओं पर लागू नहीं होगा।
बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए 1 से 30 नवंबर तक देश के 2000 शहरों और जिलों में 5वां राष्ट्रव्यापी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अभियान संचालित किया जाएगा। पेंशन और पेंशनर्स कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस अभियान में डाकघरों, बैंकों, रेलवे, ईपीएफओ और रक्षा लेखा महानियंत्रक के सहयोग से कैंप लगाए जाएंगे। बुजुर्गों को अब दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे क्योंकि एंड्रॉयड और आईओएस फोन के जरिए ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ तकनीक से चेहरे की पहचान कर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। अति वृद्ध और अस्वस्थ पेंशनभोगियों को घर बैठे यह सुविधा दी जाएगी, साथ ही शिविरों में स्वास्थ्य जांच, आधार अपडेट और त्वरित शिकायत निवारण की व्यवस्था भी रहेगी। रेलवे पेंशनभोगियों के लिए देशभर में विशेष मेगा कैंप और दक्षिण रेलवे के सेलम डिवीजन जैसे कार्यालयों में नियमित हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।
रसोई और सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर तेल विपणन कंपनियां 1 नवंबर को एलपीजी सिलेंडरों की मासिक कीमतों की समीक्षा करेंगी, जिसका सीधा असर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बजट पर दिख सकता है। वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा दिव्यांगता पेंशन नियमों में स्वीकृत सुधार, जिसमें पात्रता मानदंड 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करना और न्यूनतम आयु सीमा समाप्त करना शामिल था, उसकी संशोधित परिचालन गाइडलाइंस जारी न होने के कारण फिलहाल 1 नवंबर से लागू नहीं हो सकेंगे और लाभार्थियों को इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना की प्रतीक्षा करनी होगी। इसके अतिरिक्त बाजार विश्लेषकों के अनुसार कच्चे माल की लागत और बढ़ी मांग को देखते हुए सीमेंट कंपनियों द्वारा कीमतों में प्रति बोरी 50 रुपये तक की वृद्धि की जा सकती है, जिससे नया मकान बनाने वालों और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों का बजट प्रभावित हो सकता है।


