Parenting Tips: बच्चों की अच्छी परवरिश करना हर माता-पिता की जिम्मेदारी होती है। लेकिन कई बार अनजाने में की गई छोटी-छोटी गलतियां बच्चों के व्यवहार और मानसिक विकास पर असर डाल सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों को अनुशासन सिखाने के साथ उन्हें प्यार, भरोसा और सही माहौल देना भी बेहद जरूरी है।
साल में 6 से 8 बार बीमार होना सामान्य?
विशेषज्ञों के मुताबिक, पांच साल से कम उम्र के बच्चों को साल में छह से आठ बार सर्दी, खांसी या वायरल संक्रमण होना सामान्य हो सकता है। खासकर जब बच्चे स्कूल या डे-केयर जाना शुरू करते हैं। दूसरे बच्चों और आसपास के लोगों के संपर्क में आने से उन्हें अलग-अलग वायरस का संक्रमण हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि हर बार बच्चे की इम्यूनिटी कमजोर है।
कब बुखार को हल्के में नहीं लेना चाहिए?
बच्चे को बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, शरीर में पानी की कमी, लगातार दस्त या त्वचा पर रैशेज दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बच्चा बहुत सुस्त हो, पानी नहीं पी रहा हो या उसकी हालत बिगड़ रही हो तो इलाज में देरी न करें।
बच्चों की परवरिश में माता-पिता न करें ये 5 गलतियां
1. हर बात में छूट देना: बच्चों के खाने, सोने और मोबाइल देखने का समय तय होना चाहिए। उम्र के अनुसार नियम बनाना जरूरी है।
2. दूसरे बच्चों से तुलना करना: हर बच्चे की सीखने और समझने की क्षमता अलग होती है। तुलना करने के बजाय उसकी खूबियों को पहचानें और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।
3. खुद अच्छी आदतें न अपनाना: बच्चे माता-पिता को देखकर सबसे ज्यादा सीखते हैं। इसलिए उन्हें अच्छी आदतें सिखाने से पहले खुद उनका पालन करें।
4. बार-बार वादे तोड़ना: बच्चों से किया गया वादा पूरा न करने पर उनका भरोसा कमजोर हो सकता है। इसलिए सोच-समझकर वादा करें और उसे निभाएं।
5. बच्चों पर चिल्लाना या मारना: गुस्से में बच्चों को डराना या शारीरिक सजा देना सही तरीका नहीं है। उन्हें प्यार और धैर्य के साथ नियम समझाएं।
बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है सही परवरिश
बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास उनके आसपास के माहौल पर भी निर्भर करता है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों के साथ समय बिताएं, उनकी बातें सुनें और उन्हें प्यार के साथ अनुशासन सिखाएं। सही परवरिश बच्चों में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद करती है।


