मुंबई:
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भी सुस्ती और बिकवाली का रुख देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आए अचानक उछाल के चलते प्रमुख घरेलू सूचकांक लाल निशान में खुले। शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स 215 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 22,550 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया।
करेंसी मार्केट में भी कमजोरी दर्ज की गई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 3 पैसे गिरकर 95.97 के स्तर पर आ गया।
शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों का हाल
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सेंसेक्स (BSE Sensex): सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स 97.96 अंक गिरकर 72,382.33 पर कारोबार कर रहा था, जबकि शुरुआती गिरावट में यह 215 अंक लुढ़ककर 72,257.30 के निचले स्तर तक चला गया था।
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निफ्टी (NSE Nifty 50): निफ्टी 53.71 अंक की गिरावट के साथ 22,566.75 पर था। कारोबार की शुरुआत में निफ्टी 107.25 अंक फिसलकर 22,518.90 तक नीचे आ गया था।
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रुपये में सुस्ती: डॉलर के मुकाबले रुपया 3 पैसे टूटकर 95.97 पर कारोबार करता दिखा।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण
शुरुआती कारोबार के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल के दाम बढ़ने से चालू खाता घाटा और मुद्रास्फीति (महंगाई) बढ़ने की चिंता पैदा होती है, जिसका सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ता है।
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरों को लेकर जारी अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशकों का रुझान सतर्क बना हुआ है। घरेलू संस्थागत और रिटेल निवेशकों ने भी सतर्क रुख अपनाते हुए मुनाफावसूली को तरजीह दी।
ऑटो और हेल्थकेयर शेयरों पर सबसे ज्यादा मार
शुरुआती कारोबार में चुनिंदा दिग्गज और मिडकैप शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। बजाज ऑटो (Bajaj Auto) और मैक्स हेल्थकेयर (Max Healthcare) के शेयरों में 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इंडेक्स पर दबाव और बढ़ गया।
विश्लेषकों की राय: 22,600 के नीचे बढ़ी चिंता
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक निफ्टी का 22,600 के स्तर से नीचे फिसलना तकनीकी रूप से चिंताजनक संकेत है। यदि सूचकांक निर्णायक रूप से इस स्तर के नीचे बना रहता है, तो बिकवाली का दबाव और गहरा सकता है।
सलाह: विशेषज्ञों ने ट्रेडर्स और निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी से बचने तथा वैश्विक घटनाक्रमों व कच्चे तेल के रुख पर करीबी नजर रखने की सलाह दी है। बाजार में आने वाले सत्रों में भी उतार-चढ़ाव (volatility) बना रह सकता है।























