डोंगरगढ़ (राजनांदगांव):
राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चौथना में 9 अक्टूबर को हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। घर के भीतर मां और बेटे की धारदार हथियार से नृशंस हत्या तथा बेटी को जानलेवा रूप से घायल करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी हेमंत कुमार सोनकर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
प्राथमिक जांच में हत्या की मुख्य वजह पारिवारिक विवाद और परिवार में लगातार बीमारी के चलते जादू-टोने का शक होना सामने आई है।
घर लौटा पति तो बिछी थीं लाशें, बेटी मिली थी लहूलुहान
यह खौफनाक वारदात 9 अक्टूबर की है। गृहस्वामी सुखी सोनकर जब अपने घर पहुंचा, तो अंदर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। कमरे के भीतर उसकी पत्नी कमला सोनकर और बेटे खुमेन्द्र सोनकर के खून से लथपथ शव पड़े हुए थे। वहीं, बेटी ममता सोनकर गंभीर रूप से घायल अवस्था में तड़प रही थी।
चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों की मदद से घायल युवती को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया और पुलिस को सूचना दी गई। वारदात की गंभीरता को देखते हुए डोंगरगढ़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी व फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए।
चचेरे भाई और चाची पर टंगिया से ताबड़तोड़ वार
वारदात के बाद से ही फरार चल रहे संदेही हेमंत कुमार सोनकर को पुलिस ने घेराबंदी कर हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद मामले में संलिप्त सोनू सोनकर और केशर सोनकर की भूमिका भी उजागर हुई।
पुलिस विवेचना के अनुसार, आरोपी हेमंत सोनकर के परिवार के सदस्यों की तबीयत अक्सर खराब रहती थी, जिसका शक वह अपनी चाची और चचेरे भाई पर जादू-टोना करने को लेकर करता था। इसी रंजिश के चलते उसने योजना बनाकर चाची कमला सोनकर और चचेरे भाई खुमेन्द्र सोनकर पर लोहे की टंगिया (कुल्हाड़ी) से जानलेवा हमला कर मौत के घाट उतार दिया। बीच-बचाव करने आई चचेरी बहन ममता पर भी वार कर उसे अधमरा कर दिया।
आला-ए-कत्ल बरामद, साक्ष्य मिटाने के आरोप में धाराएं बढ़ीं
डोंगरगढ़ एसडीओपी केसरी नंदन नायक ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की टंगिया और भागने में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई है।
आरोपियों ने वारदात के बाद साक्ष्य छुपाने के इरादे से घटना के वक्त पहने गए कपड़ों और कुल्हाड़ी के लकड़ी के बेंट को आग लगाकर नष्ट करने की कोशिश की थी। पुलिस ने मौके से अधजले कपड़ों और लकड़ी के अवशेष भी बरामद कर लिए हैं। साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक साजिश के तहत मामले में अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गई हैं।
पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों—हेमंत कुमार सोनकर, सोनू सोनकर और केशर सोनकर को 12 अक्टूबर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।























