बेंगलुरु, 8 अक्टूबर 2026। आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में आयोजित हुई। बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े संगठनों ने वेतन, फिटमेंट फैक्टर, भत्ते, पेंशन और सेवा शर्तों से संबंधित विभिन्न मांगें आयोग के समक्ष रखीं।
तीन सदस्यीय आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। बेंगलुरु बैठक को आयोग की क्षेत्रीय परामर्श प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, बैठक में तत्काल वेतन वृद्धि या फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया गया है।
फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में फिटमेंट फैक्टर को 2.86 से 3.25 के बीच निर्धारित करना शामिल है। इसके अलावा न्यूनतम मूल वेतन और पेंशन में उल्लेखनीय वृद्धि, विभिन्न भत्तों में संशोधन तथा सेवा शर्तों में सुधार की मांग भी उठाई गई।
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर मौजूदा मूल वेतन को संशोधित कर नए वेतनमान में मूल वेतन निर्धारित किया जाता है। इसलिए इसका अंतिम निर्धारण केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।
डाक कर्मचारियों ने भी रखीं मांगें
बैठक के दौरान डाक कर्मचारियों से जुड़े संगठनों ने भी अपनी मांगें आयोग के सामने रखीं। इनमें एचएसजी-I के लिए लेवल-9, एचएसजी-I एनएफजी के लिए लेवल-10 या उससे ऊपर का वेतन स्तर, ग्रुप-बी राजपत्रित दर्जा तथा 10 प्रतिशत जिम्मेदारी भत्ते जैसी मांगें शामिल हैं।
मुंबई में होगी अगली बैठक
बेंगलुरु बैठक के बाद आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अगली बैठक 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में प्रस्तावित है। आयोग अलग-अलग क्षेत्रों और कर्मचारी संगठनों से सुझाव एवं मांगें प्राप्त कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा।
मई-जून 2027 तक रिपोर्ट आने की संभावना
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में अंतिम रिपोर्ट मई या जून 2027 तक आने की संभावना है।
फिटमेंट फैक्टर क्या है?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर वेतन आयोग कर्मचारी के मौजूदा मूल वेतन को नए वेतनमान में संशोधित करता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन ₹18,000 है और फिटमेंट फैक्टर 2.86 निर्धारित होता है, तो संशोधित मूल वेतन ₹51,480 हो सकता है। वहीं 3.25 के फिटमेंट फैक्टर पर यह राशि ₹58,500 हो सकती है। हालांकि, 8वें वेतन आयोग ने अभी अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया है।
फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें आयोग की आगामी बैठकों और फिटमेंट फैक्टर सहित वेतन एवं पेंशन से जुड़े प्रस्तावों पर टिकी हैं। अंतिम वेतन वृद्धि कितनी होगी, यह आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।























