रायपुर/बिलासपुर/अम्बिकापुर:
छत्तीसगढ़ में विभिन्न जिलों में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते शासकीय कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। धान खरीदी की तैयारियों, डिजिटल क्रॉप सर्वे, फसल क्षति के आकलन और अन्य महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों के बाधित होने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए हड़ताली पटवारियों को अल्टीमेटम दिया है और कई जगहों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
बिलासपुर जिला: 259 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस
बिलासपुर जिले में हड़ताल पर गए सभी 259 पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं।बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोट के अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) द्वारा संबंधित पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल कर्तव्य पर उपस्थित होने और तहसीलदार के माध्यम से उसी दिन लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है।निर्धारित तिथि तक मुख्यालय में उपस्थित न होने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी तथा अनुपस्थिति की अवधि को ‘सेवा में व्यवधान’ (ब्रेक इन सर्विस) माना जा सकता है।
सरगुजा संभाग: 819 पटवारियों को शो-कॉज नोटिस
सरगुजा संभाग में भी पटवारियों की हड़ताल पर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है।संभागायुक्त श्री नरेन्द्र दुग्गा ने संभाग के सभी 6 जिलों के एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे हड़ताल पर गए कुल 819 पटवारियों को नोटिस जारी करें।
जिलावार आंकड़े:सूरजपुर: 192 पटवारी,सरगुजा: 216 पटवारी,बलरामपुर: 150 पटवारी,जशपुर: 150 पटवारी,कोरिया: 60 पटवारी,एमसीबी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर): 51 पटवारी: बलरामपुर जिले में मुख्यालय में निवास न करने के कारण 5 पटवारियों (गौतम पटेल, पन्नेलाल सोनवानी, कपिल देव भगत, धीरेंद्र उरमलिया और शैलेश मेहता) को निलंबित कर दिया गया है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला: प्रशासन का अल्टीमेटम
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी 13 अक्टूबर से जारी पटवारियों की हड़ताल के कारण कामकाज ठप है।सारंगढ़, बरमकेला और सरिया तहसील के पटवारियों को प्रशासन ने नोटिस जारी कर तत्काल ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं।धान गिरदावरी, आपदा सर्वे और अन्य राजस्व कार्यों के प्रभावित होने के कारण प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश की अवहेलना करने वालों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले कार्य
पटवारियों के अनिश्चितकालीन अवकाश/हड़ताल पर रहने से निम्नलिखित कार्य बाधित हो रहे हैं:
- डिजिटल क्रॉप सर्वे और फिजिकल वेरिफिकेशन
- एग्रीस्टैक एवं आगामी धान खरीदी से संबंधित कृषक अभिलेखों का सत्यापन
- चक्रवाती तूफान के कारण हुई फसल क्षति का त्वरित सर्वेक्षण व राहत कार्य
- आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से जुड़े जांच प्रतिवेदन
- नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयीन प्रकरण
प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पटवारी अपनी हड़ताल जारी रखते हैं या काम पर लौटते हैं।


