रायपुर, 1 नवंबर 2026 – छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर नवा रायपुर के राज्योत्सव मैदान में तीन दिवसीय भव्य ‘राज्योत्सव 2026’ का रंगारंग शुभारंभ हो चुका है। इस वर्ष का राज्योत्सव प्रदेश की कला, संस्कृति, विकास यात्रा और राष्ट्रीय गौरव का अनूठा संगम बन गया है। पहले दिन से ही यहां विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों, शिल्पग्राम और रोमांचक कार्यक्रमों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
36 विभूतियों को प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण से किया गया सम्मानित
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, समाजसेवा और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर स्थित सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान 36 श्रेणियों में राज्य अलंकरण पुरस्कारों की घोषणा की।
इस अवसर पर मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि यह सम्मान प्रदेश की प्रतिभाओं और समाज के विकास में उनके अतुलनीय योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। सम्मानित होने वाली प्रमुख हस्तियों में शामिल हैं:
- शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान (आदिवासी सामाजिक चेतना): श्री डुमन लाल ध्रुव (धमतरी)
- यति यतनलाल सम्मान (अहिंसा एवं गौरक्षा): विश्व गीता धेनू गोविन्द पक्षी सेवा धाम, कुम्हारी (दुर्ग)
- मिनीमाता सम्मान (महिला उत्थान): लोक आस्था सेवा संस्थान – सुश्री लता नेताम (गरियाबंद)
- चक्रधर सम्मान (शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य): डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति (रायपुर)
- पंडित सुंदरलाल शर्मा सम्मान (हिन्दी साहित्य): डॉ. बिहारीलाल साहू (रायगढ़)
- गुण्डाधूर सम्मान (खेल): सुश्री संजू देवी (कोरबा)
- डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार: श्री पुन्नी दास भट्ट (कबीरधाम)
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आत्मीय पत्र: विकास और शांति का नया दौर
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आत्मीय पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में सरगुजा से लेकर बस्तर तक की अपनी यात्राओं को याद करते हुए छत्तीसगढ़ के जनजीवन से अपने गहरे जुड़ाव को साझा किया।
- नक्सलवाद के खात्मे से शांति और विकास: प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी ‘रेड कॉरिडोर’ के रूप में पहचाने जाने वाले क्षेत्र अब विकास और विश्वास के केंद्र बन रहे हैं। बस्तर में सुरक्षा बलों के साहस और ‘नियद नेल्ला नार’ जैसी योजनाओं से बस्तर मुख्यधारा से जुड़ रहा है।
- कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना: राज्य में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं, वंदे भारत ट्रेनों और चार आधुनिक हवाई अड्डों के नेटवर्क से विकास को गति मिली है।
- कल्याणकारी योजनाएं: महतारी वंदन योजना के जरिए 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है, वहीं 25 लाख से अधिक किसानों को धान खरीदी का बेहतर मूल्य मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री के इस शुभकामना पत्र के लिए प्रदेश के 3 करोड़ नागरिकों की ओर से आभार व्यक्त किया है और अटल जी के सपनों के विकसित छत्तीसगढ़ को साकार करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
नवा रायपुर के आसमान में वायु सेना के शौर्य का प्रदर्शन (सारंग एयर शो)
राज्योत्सव के पहले दिन नवा रायपुर के सेंध लेक में भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम, आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम और गरुड़ कमांडोज के रोमांचकारी हवाई प्रदर्शन की फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई।
- सारंग के करतब: ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार के नेतृत्व में पांच हेलीकॉप्टरों ने आसमान में हैरान कर देने वाले ‘क्रॉसओवर’ और आकर्षक फॉर्मेशन बनाए।
- ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’: कॉकपिट से गूंजे इस उद्घोष और तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन ने दर्शकों में देशभक्ति का संचार कर दिया।
- मुख्य हवाई प्रदर्शन 2 नवंबर को सेंध लेक में आयोजित होगा।
शिल्पग्राम में झारा आर्ट और राजस्थानी व्यंजनों की महक बनी आकर्षण का केंद्र
राज्योत्सव परिसर में सजे शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक हस्तशिल्प कलाओं का अनूठा प्रदर्शन किया जा रहा है। सारंगढ़ के युवा शिल्पकार श्री प्रदीप झरेका द्वारा ‘लॉस्ट वैक्स तकनीक’ से तैयार झारा आर्ट और छिंद पेड़ की कलाकृति को दर्शकों की भरपूर सराहना मिल रही है।
इसके साथ ही, सांस्कृतिक विविधता के तहत राजस्थान के कोटा से आए नीरज शर्मा का स्टॉल लोगों के बीच विशेष चर्चा में है। वे हर साल राज्योत्सव में आकर छत्तीसगढ़ के लोगों को दाल-बाटी-चूरमा और प्याज कचौरी का पारंपरिक राजस्थानी स्वाद परोस रहे हैं। नीरज शर्मा का कहना है कि छत्तीसगढ़ के लोगों के अपनापन और आत्मीयता के कारण उन्हें यहां कभी पराया महसूस नहीं हुआ।
राज्योत्सव 2026 छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, प्रगति और उत्सवधर्मिता का एक भव्य प्रतीक बनकर उभर रहा है।


