केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। खान मंत्रालय ने गुरुवार, 5 नवंबर को महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी के नौवें चरण और अन्वेषण लाइसेंस की नीलामी के तीसरे चरण की शुरुआत की। इस बार देश के 8 राज्यों में कुल 20 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों को नीलामी के लिए रखा गया है। इनमें छत्तीसगढ़ के 5 ब्लॉक भी शामिल हैं।
इस नीलामी प्रक्रिया का शुभारंभ केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने किया। कार्यक्रम में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत और केंद्रीय खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे भी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के 5 खनिज ब्लॉक होंगे नीलाम
नौवें चरण की नीलामी में छत्तीसगढ़ को महत्वपूर्ण स्थान मिला है। राज्य के 5 खनिज ब्लॉकों को नीलामी के लिए प्रस्तुत किया गया है। इनमें फॉस्फोराइट-लाइमस्टोन, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE), बॉक्साइट, एल्युमिनस लेटराइट और ग्लौकोनाइट जैसे खनिज शामिल हैं।
इन खनिजों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, एयरोस्पेस और उन्नत विनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाता है। ऐसे में इन ब्लॉकों की नीलामी से राज्य में खनिज क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
इन 8 राज्यों में होगी खनिज ब्लॉकों की नीलामी
केंद्र सरकार ने इस चरण में आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के कुल 20 ब्लॉकों को नीलामी के लिए रखा है। इनमें ग्रेफाइट, ग्लौकोनाइट, वैनेडियम, टाइटेनियम, टंगस्टन, पोटाश, बॉक्साइट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं।
अन्वेषण लाइसेंस की नीलामी का भी तीसरा चरण शुरू
महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों के साथ सरकार ने अन्वेषण लाइसेंस (EL) की नीलामी के तीसरे चरण की भी शुरुआत की है। इस चरण में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, तेलंगाना और गुजरात के कुल 11 ब्लॉक शामिल हैं।
अन्वेषण लाइसेंस के जरिए निजी कंपनियों को ऐसे 29 महत्वपूर्ण और गहरे भूगर्भ में मौजूद खनिजों की खोज करने का अवसर मिलता है, जिनकी खोज और पहचान के लिए व्यापक निवेश और तकनीकी विशेषज्ञता की जरूरत होती है। इससे खनन शुरू होने से पहले ही निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ सकेगी।
नीलामी प्रक्रिया में सरकार ने किया बड़ा बदलाव
खनिज ब्लॉकों की नीलामी को अधिक सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नियमों में भी बदलाव किया है। 16 अक्टूबर 2026 को अधिसूचित खनिज (नीलामी) तृतीय संशोधन नियम, 2026 के तहत दूसरे दौर की नीलामी में भाग लेने के लिए तकनीकी रूप से योग्य बोलीदाताओं की न्यूनतम संख्या तीन से घटाकर दो कर दी गई है।
सरकार का मानना है कि इस बदलाव से उन ब्लॉकों की नीलामी में मदद मिलेगी, जिनमें पर्याप्त बोलीदाता नहीं मिलने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। इसके अलावा अब आशय पत्र (LOI) एकीकृत खनन पोर्टल के माध्यम से स्वचालित रूप से जारी किए जाएंगे।
जनवरी 2027 तक जमा कर सकेंगे आवेदन
दोनों नीलामी प्रक्रियाओं के लिए निविदा दस्तावेजों की बिक्री 5 नवंबर 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक कंपनियां 1 जनवरी 2027 शाम 5 बजे तक निविदा दस्तावेज खरीद सकती हैं। वहीं, तकनीकी बोली और प्रारंभिक मूल्य प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तारीख 7 जनवरी 2027 शाम 5 बजे निर्धारित की गई है।
नीलामी से संबंधित विस्तृत जानकारी MSTC के आधिकारिक ई-नीलामी पोर्टल पर उपलब्ध है।
सरकार का यह कदम देश में महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने, विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ सहित खनिज संपदा वाले राज्यों में नए औद्योगिक अवसर पैदा होने की उम्मीद है।


