बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब और चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के दक्षिण और मध्य हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा रखी है। लगातार तीन दिनों से जारी झड़ी के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राजधानी रायपुर में शिवनाथ की सहायक खारून नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है और महादेव घाट पुल पर लगभग 2 फीट ऊपर पानी बह रहा है। इसके चलते रायपुर-अमलेश्वर मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा रोके जाने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग जान जोखिम में डालकर पुल के मुहाने पर सेल्फी लेने और वीडियो बनाने पहुंच रहे हैं, जिन्हें हटाने के लिए बल तैनात किया गया है।
बस्तर संभाग में हालात अत्यंत विकराल रूप ले चुके हैं। जगदलपुर में बीते 24 घंटे के भीतर रिकॉर्ड 316 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यहां इंद्रावती नदी खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर 10.20 मीटर के स्तर पर बह रही है। ओडिशा के खातीगुड़ा और मुरान बांधों के गेट खोले जाने के बाद जलस्तर और अधिक बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। जगदलपुर-बीजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-63) पर केशलूर, धनपूंजी और चौकावाड़ा के पास जलभराव से सड़क संपर्क टूट चुका है। शहर की गंगा मुंडा और श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड सहित दर्जनों निचली बस्तियां जलमग्न हैं। मौसम की खराबी के चलते जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट रद्द कर दी गई है।
कोत्तावलसा-किरंदुल (केके) रेल लाइन पर 24 घंटे के अंदर दो स्थानों पर बड़ा भूस्खलन हुआ है। मालीगुड़ा और जरति के बीच लगभग 50 मीटर रेलवे ट्रैक भारी पत्थरों और मलबे से पट गया तथा बिजली के खंभे उखड़ गए। इसके चलते किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर और नाइट एक्सप्रेस सहित कई यात्री गाड़ियां रद्द कर दी गई हैं, जबकि समलेश्वरी, हीराकुंड और राउरकेला एक्सप्रेस को जगदलपुर के बजाय कोरापुट से शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है। लगभग 40 लौह अयस्क मालगाड़ियों की आवाजाही भी ठप पड़ गई है।
नारायणपुर जिले में माड़िन नदी के उफान पर आने से बड़गांव पुलिया 5 फीट तक डूब गई है, जिससे अबूझमाड़ और छोटेडोंगर क्षेत्र के दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है। धौड़ाई के तारागांव में बाढ़ के पानी में फंसे एक ग्रामीण को नगर सेना और पुलिस ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। कोंडागांव के मर्दापाल में मलनार खुमी नाला ओवरफ्लो होने से भाटपाल मार्ग बंद है और सातगांव में एक कच्चा मकान ढह गया। जगदलपुर के बस्तानार में 11 केवी लाइन के 5 पोल टूटने से 26 गांवों में बिजली गुल हो गई है, वहीं बकावंड के मैलबेड़ा में आधी रात कच्चा मकान गिरने से गरीब आदिवासी परिवार का सारा सामान मलबे में दब गया।
धमतरी के कुरुद क्षेत्र के नारी गांव में जलभराव के बीच रायपुर से बुलाई गई एसडीआरएफ और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने नावों के जरिए 40 ग्रामीणों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। सुकमा में शबरी नदी के उफान से अंतर्राज्यीय और राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवागमन बंद कर दिया गया है और प्रशासन ने राहत शिविरों में लोगों को ठहराया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण रायपुर रेल मंडल से गुजरने वाली समता, पुरी-अहमदाबाद, दुर्ग-पुरी, संपर्क क्रांति और अमरकंटक जैसी प्रमुख एक्सप्रेस व लोकल ट्रेनें 2 से 6 घंटे की देरी से चल रही हैं। राज्य में गंभीर होती स्थिति और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित करने के निर्देश दिए हैं और पूरे प्रशासनिक अमले को 24 घंटे फील्ड में मुस्तैद रहने का आदेश जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अवदाब सिस्टम अब उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है, जिससे अगले 12 से 24 घंटों में रायपुर, दुर्ग के साथ-साथ बिलासपुर और सरगुजा संभाग में भी भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।























