मौसम का रेड अलर्ट! छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय और निजी स्कूलों में कल घोषित हुआ अवकाश
देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अत्यंत सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार समेत 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। लगातार खराब मौसम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई राज्यों में स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है।
प्रमुख राज्यों में बारिश और स्कूलों में छुट्टी के हालात
छत्तीसगढ़ मे लगातार बारिश और बाढ़ जैसे गंभीर हालातों को देखते हुए राज्य सरकार ने 26 सितंबर को सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। बस्तर संभाग में स्थिति सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
झारखंड मे भारी बारिश और आंधी के रेड अलर्ट को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने 26 सितंबर 2026 को केजी से 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
बस्तर और राजिम में बाढ़ का तांडव: नदियां उफान पर, कुलेश्वर मंदिर डूबा; दर्जनों गांव टापू में तब्दील
यह आदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत दिया गया है।
उत्तर प्रदेश मे अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भारी बारिश की आशंका वाले संवेदनशील जिलों में प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। रेड अलर्ट वाले कई जिलों में स्थानीय प्रशासन की निगरानी में स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ओडिशा मे मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान के कारण निचले इलाकों से लगभग 14,500 लोगों को सुरक्षित निकालकर 2,061 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। यहां भी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सर्वोपरि है।
अन्य राज्यों में मौसम का हाल और अलर्ट
बिहार मे पश्चिमी चंपारण, पटना, गया और सारण समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश मे नैनीताल, चमोली, शिमला, कुल्लू और मनाली जैसे पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश और लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की चेतावनी जारी की गई है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश के जयपुर, उदयपुर, कोटा, भोपाल और छतरपुर समेत कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान जलभराव वाले इलाकों और उफनती नदियों के पास जाने से बचें। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।























