कवर्धा: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में शिक्षा विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। वीएसके (VSK) एप पर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज न होने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 196 शिक्षकों और कर्मचारियों का सितंबर 2026 का वेतन आगामी आदेश तक रोक दिया है. बिना जमीनी (भौतिक) सत्यापन के केवल ऑनलाइन रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।
सूची में शामिल हैं मृत और सेवानिवृत्त शिक्षक
जब विभाग द्वारा यह सूची जारी की गई, तो छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसकी असलियत सामने रखी। संगठन ने खुलासा किया कि इस “शून्य उपस्थिति” वाली सूची में ऐसे कर्मचारियों के नाम भी शामिल हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं या फिर नौकरी से रिटायर हो चुके हैं।
एसोसिएशन के मुताबिक, वेतन रोकने वाली सूची में 8 दिवंगत शिक्षकों (जैसे- बनऊ मेरावी, सोहन श्रीवास्तव, संध्या यादव, नीता साहू आदि) और 4 सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा 3 ऐसे शिक्षक भी सूची में हैं जिनका तबादला दूसरे जिलों में हो चुका है।
सूची में 24 शिक्षक संतान पालन अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) पर, 2 मातृत्व अवकाश पर और 1 शिक्षक विभागीय बीएड प्रशिक्षण पर हैं, जिनकी उपस्थिति भी एप में शून्य दर्शा कर उनका वेतन रोक दिया गया।
एसोसिएशन ने मांगी जिम्मेदारी तय करने की मांग
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चंद्रवंशी ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र सौंपकर इस त्रुटिपूर्ण सूची को तैयार करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मामले तूल पकड़ने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है। कबीरधाम के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एफ.आर. वर्मा ने बताया कि सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और आहरण-संवितरण अधिकारियों से मृतक, सेवानिवृत्त, स्थानांतरित और अवकाश पर रहे कर्मचारियों की वास्तविक जानकारी मांगी गई है। अभिलेखों से मिलान करने के बाद सूची में सुधार किया जाएगा और उसके आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।























