*कलेक्टर रोहित व्यास बोले—शिक्षक जिले के रोल मॉडल, 100 माध्यमिक विद्यालयों में टीवी लगाने की तैयारी*
जशपुर। सम्पर्क फाउंडेशन द्वारा शुक्रवार को जिला पंचायत सभाकक्ष, जशपुर में ‘टॉप टीचर अवार्ड 2026’ समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के 14 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनके नवाचारी शिक्षण कार्य और विद्यार्थियों की बुनियादी शिक्षा को बेहतर बनाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वर्तमान में जिले के 122 शासकीय विद्यालयों में 177 संपर्क स्मार्ट क्लास कार्यक्रम संचालित हैं। संपर्क स्मार्ट कार्यक्रम में सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, डिजिटल संसाधनों के विस्तार और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर रोहित व्यास ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि समारोह में उपस्थित सभी शिक्षक जिले के लिए रोल मॉडल हैं। जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, ऐसे में उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
*100 माध्यमिक विद्यालयों में लगेंगे टीवी*
कलेक्टर रोहित व्यास ने प्राथमिक विद्यालयों में सम्पर्क फाउंडेशन द्वारा एफएलएन (बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता) डिवाइस के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में भी विज्ञान विषय की पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना आवश्यक है। इस दिशा में जिला प्रशासन ने प्रारंभिक चरण में 100 माध्यमिक विद्यालयों में टीवी लगाने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने सम्पर्क फाउंडेशन के संस्थापक विनीत नायर, अनुपमा नायर और संस्था की पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
*उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान प्रेरणादायक : मुख्य कार्यपालन अधिकारी*
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक कुमार ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना उन्हें प्रोत्साहित करने का प्रभावी माध्यम है। इससे अन्य शिक्षकों को भी प्रेरणा मिलती है और वे अपने विद्यालयों में बेहतर शिक्षण कार्य करने के लिए आगे आते हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार सिन्हा ने सम्पर्क स्मार्ट शाला और स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यालयों में हो रहे सकारात्मक बदलावों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षण प्रक्रिया में तकनीक और नवाचार का उपयोग विद्यार्थियों के लिए विषयों को सरल, रोचक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
*डिजिटल शिक्षण से बच्चों की बढ़ी रुचि*
समारोह में प्रधान पाठक लव कुमार और शिक्षिका सुनैना तिर्की ने अपने विद्यालयों में सम्पर्क फाउंडेशन के शैक्षणिक संसाधनों के उपयोग से आए बदलावों और अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि डिजिटल सामग्री और गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ी है। साथ ही, कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाने में भी मदद मिल रही है।
*स्मार्ट क्लास के साथ कई डिजिटल सुविधाएं*
सम्पर्क फाउंडेशन सरकारी विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) को मजबूत करने के उद्देश्य से शिक्षकों को सम्पर्क टीवी डिवाइस, एलईडी टीवी, सम्पर्क स्मार्ट शाला ऐप, पाठ्यक्रम आधारित पाठ योजनाएं, कॉन्सेप्ट वीडियो, वर्कशीट, गेम आधारित मूल्यांकन, कहानियां, गीत, पहेलियां और विज्ञान प्रयोग जैसी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराता है। इसके अलावा, विद्यार्थियों की अंग्रेजी बोलने की क्षमता विकसित करने के लिए एआई आधारित ‘स्पीक इन इंग्लिश’ तथा नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सम्पर्क फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संस्था है, जिसकी स्थापना विनीत नायर और अनुपमा नायर ने की है। संस्था के अनुसार, उसके कार्यक्रम देश के आठ राज्यों के 1.5 लाख से अधिक सरकारी विद्यालयों और दो करोड़ से अधिक बच्चों तक पहुंच चुके हैं। कार्यक्रम में सम्पर्क फाउंडेशन की ओर से झारखंड के राज्य प्रमुख अमित कुमार, बिलासपुर के जिला समन्वयक ओमनाथ रात्रे और जशपुर की जिला समन्वयक दिव्या पाठक उपस्थित रहे।
समारोह का मुख्य उद्देश्य उत्कृष्ट शिक्षकों के प्रयासों को पहचान देना, उनके नवाचारों को प्रोत्साहित करना और अन्य शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए प्रेरित करना रहा।


