नई दिल्ली / रायपुर:
दीपावली और छठ महापर्व पर अपनों के बीच पहुंचने की तैयारी कर रहे आम यात्रियों को इस बार बेतहाशा बढ़े सफर खर्च ने संकट में डाल दिया है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग और ‘नो रूम’ की स्थिति का फायदा उठाते हुए निजी बस संचालकों ने किराये में कई गुना तक उछाल ला दिया है। यह मनमानी केवल दिल्ली-एनसीआर से यूपी-बिहार जाने वाले लंबे रूटों तक सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के भीतर आंतरिक मार्गों पर भी यात्रियों को हवाई सफर जैसे ‘डायनामिक फेयर’ का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी से पटना का किराया जहां 10 हजार रुपये छू रहा है, वहीं रायपुर से जशपुर के टिकट बुकिंग चार्ट में भी अधिकतम किराया 9 हजार रुपये के पार नजर आ रहा है।
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दिल्ली से यूपी-बिहार के रूटों पर भारी उछाल: 8 से 10 गुना तक बढ़े दाम
दीपावली से ठीक पहले 5 और 6 नवंबर के पीक दिनों में दिल्ली से पूर्वांचल और बिहार जाने वाले प्रवासियों के सामने कोई सीधा विकल्प नहीं बचा है।
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बिहार रूट: दिल्ली से पटना का सामान्य दिनों में किराया ₹840 से ₹1,500 रहता है, जो 5-6 नवंबर के लिए ₹3,500 से ₹8,141 और प्रीमियम एसी स्लीपर में ₹9,999 तक पहुंच गया है।
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उत्तर प्रदेश रूट: लखनऊ और कानपुर के लिए सामान्य दिनों का ₹400 से ₹1,000 का टिकट बढ़कर ₹3,000 से ₹8,699 तक दर्ज किया जा रहा है। प्रयागराज और वाराणसी के लिए भी दरें ₹3,000 से ₹8,000 के पार पहुंच चुकी हैं।
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दिल्ली से प्रमुख मार्गों का किराया (संकेतात्मक दरें)
| गंतव्य शहर | सामान्य किराया (एसी सीटर/स्लीपर) | 5 व 6 नवंबर का त्योहारी किराया |
| लखनऊ | ₹400 – ₹1,000 | ₹3,000 – ₹8,359 |
| कानपुर | ₹350 – ₹800 | ₹3,500 – ₹8,699 |
| वाराणसी | ₹700 – ₹1,200 | ₹3,000 – ₹8,158 |
| प्रयागराज | ₹500 – ₹1,000 | ₹3,000 – ₹8,000 |
| पटना | ₹1,000 – ₹1,500 | ₹3,500 – ₹8,141 (प्रीमियम ₹9,999 तक) |
| भोपाल | ₹1,000 – ₹2,000 | ₹2,000 – ₹4,500 |
| चंडीगढ़ | ₹400 – ₹1,000 | ₹1,500 – ₹3,033 |
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छत्तीसगढ़ के भीतर भी फ्लाइट जैसा किराया: रायपुर से जशपुर ₹699 से ₹9,029 तक
छत्तीसगढ़ के भीतर काम करने वाले कर्मचारियों, छात्रों और श्रमिकों के लिए भी गृहग्राम लौटना बजट से बाहर होता दिख रहा है। रेडबस (RedBus) जैसे प्रमुख ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल्स पर 5 नवंबर के लिए रायपुर से जशपुर मार्ग पर किराये की दरों में चौंकाने वाला अंतर सामने आया है: दिवाली-छठ पर घर पहुंचना हुआ बेहद महंगा: दिल्ली, मुंबई , रांची, रायपुर और पटना की उड़ानों का किराया 3 गुना उछला
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किफायती विकल्प (₹700 से ₹1,000): न्यू पॉपुलर बस सर्विस का एसी सीटर-स्लीपर ₹699, सिल्की मन्नी ट्रैवल्स ₹700 और शिवनाथ ट्रैवल्स में सीटर ₹855 व स्लीपर ₹945 में उपलब्ध है। वहीं राजहंस ट्रैवल्स का किराया ₹999 दर्ज है।
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मध्यम श्रेणी (₹1,100 से ₹2,700): राधे कृष्ण ट्रैवल्स ₹1,100, हमसफर (शिवनाथ) ₹1,440 से ₹1,530 तथा न्यू रॉयल ट्रैवल्स की भारत बेंज एसी स्लीपर बसें ₹1,505 से ₹2,762 तक चार्ज कर रही हैं।
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अत्यधिक किराया सूची: सनी ट्रैवल्स का किराया जहां ₹3,000 दिख रहा है, वहीं श्यामोली परिवहन (प्रिमो) की भारत बेंज एसी बस में किराया ₹2,971 से लेकर ₹8590 तक लिस्टेड दिखाई दे रहा है (हालांकि यह सेवा रांची-बैंगलोर रूट से जुड़ी लंबी दूरी की यात्रा से भी संबद्ध है)।
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परिवहन विभाग की निगरानी पर सवाल, ‘फेयर कैपिंग’ की मांग
त्योहारों में बढ़ती मांग के समय किराये में थोड़ा बदलाव सामान्य माना जा सकता है, लेकिन 8 से 10 गुना तक अंतर दिखने से यात्रियों के मन में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं:क्या परिवहन विभाग के पास त्योहारी सीजन में निजी ट्रेवल एजेंसियों की मनमानी रोकने के लिए कोई प्रभावी निगरानी तंत्र है?क्या बुकिंग पोर्टल्स पर दिखने वाले इन बढ़े किरायों पर अधिकतम सीमा (Fair Capping) लगाने का कोई कानूनी प्रावधान तय किया जाएगा?
चार सदस्यों के परिवार को घर जाने के लिए सिर्फ एक तरफ के सफर में ₹30,000 से ₹35,000 तक खर्च करने की मजबूरी ने मध्यम वर्ग का दिवाली बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। यात्रियों ने मांग की है कि परिवहन विभाग हेल्पलाइन जारी कर अतिरिक्त किराया वसूली पर तुरंत कार्रवाई करे और सरकारी रोडवेज बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाए जाएं।


