रायपुर : बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब (चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’) के प्रभाव से पिछले 72 घंटों से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग और राजिम क्षेत्र में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही भारी बारिश और पड़ोसी राज्य ओडिशा के बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण इंद्रावती, महानदी, पैरी और शबरी समेत तमाम नदियां उफान पर हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।
बस्तर संभाग में त्राहि-त्राहि, 300 से अधिक गांव घिरे
बस्तर में बाढ़ का सबसे भीषण असर देखने को मिल रहा है। इंद्रावती और इसकी सहायक नदी मुरान के उफान पर होने तथा ओडिशा के खातीगुड़ा व मुरान बांध के गेट खोले जाने से हालात बिगड़ गए हैं।
300 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिरकर टापू बन चुके हैं। नगरनार के भेजापदर, तोकापाल के घाट धनोरा, और लोहंडीगुड़ा के भेजा क्षेत्र में फंसे दर्जनों ग्रामीणों को एसडीआरएफ और बचाव दलों ने नावों के सहारे सुरक्षित निकाला है।एनएच-30 (रायपुर-कोटा) और एनएच-63 (जगदलपुर-बीजापुर-भोपालपटनम) कई जगहों पर बाधित हैं। कोरापुट रेलखंड में भू-स्खलन के कारण किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे ट्रेनें रद्द हैं। वहीं, हैदराबाद-जगदलपुर-रायपुर उड़ानें भी दो दिनों से बंद हैं।स्थिति को देखते हुए संभाग के सातों जिलों में शुक्रवार को अवकाश घोषित किया गया। प्रशासन ने 50 से अधिक राहत शिविर बनाए हैं, जहां सैकड़ों प्रभावितों को ठहराकर भोजन और चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। कलेक्टर आकाश छिकारा और एसपी शलभ सिन्हा लगातार संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
राजिम में महानदी का रौद्र रूप, कुलेश्वर महादेव मंदिर का चबूतरा डूबा
राजिम और गरियाबंद जिले में भी लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गंगरेल जलाशय से 3 लाख क्यूसेक, सिकासार से 20 हजार क्यूसेक और सोंढूर क्षेत्र से 42 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद महानदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है।
- त्रिवेणी संगम पर जलप्रलय: महानदी, पैरी और सोंढूर के संगम पर पानी का फैलाव विशाल रूप ले चुका है। प्रसिद्ध कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर का आधे से अधिक हिस्सा पानी में डूब गया है और मंदिर का चबूतरा पूरी तरह जलमग्न हो गया है।
- बस फंसी, टली बड़ी दुर्घटना: गरियाबंद जिले के सरई भदर के पास रायपुर से देवभोग जा रही एक यात्री बस बाढ़ के तेज पानी में फंस गई थी। गनीमत रही कि स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस जवानों ने भारी मशक्कत और रस्सी के सहारे बस में सवार करीब 50 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्रशासन की सख्त अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पूरी सतर्कता बरतें। उफनते नदी-नालों, जलमग्न पुल-पुलियों और घाटों के नजदीक बिल्कुल न जाएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला आपदा नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।























